बिलासपुर।Highcourt News in Bilaspur: झीरम घाटी हत्याकांड में दरभा थाने में दर्ज आपराधिक प्रकरण को चुनौती देने वाली याचिका पर दोपहर 2.25 बजे सुनवाई होगी। हाई कोर्ट में ऐसा पहली बार हो रहा है कि दिल्ली के वकील वर्चुअल जुड़कर फिजिकल सुनवाई में बहस करेंगे। वहीं स्थानीय अधिवक्ता भी उनकी तर्कों पर बहस करेंगे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने हाई कोर्ट में राज्य शासन द्वारा झीरम घाटी कांड में दरभा थाने में दर्ज आपराधिक प्रकरण के खिलाफ अपील की है। एनआइए की जांच पूरी होने के बावजूद झीरम कांड में दिवंगत कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक उदय मुदलियार के पुत्र जितेंद्र मुदलियार ने जून 2020 में दरभा थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई है।

उनकी रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 302 और 120 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। रिपोर्ट में बताया है कि यह जघन्य हत्याकांड राजनीतिक षडयंत्र का हिस्सा है। लेकिन, एनआइए ने इस घटना में राजनीतिक षड्यंत्र की जांच नहीं की है। एनआइए को पुलिस के द्वारा दर्ज इस आपराधिक प्रकरण पर आपत्ति है। यही वजह है कि एनआइए ने दरभा थाने में दर्ज रिपोर्ट को चुनौती देते हुए पहले अपनी विशेष अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया था। जिसे खारिज कर दिया गया। इस एनआइए ने हाई कोर्ट में आपराधिक अपील प्रस्तुत की है। इसमें कहा गया है कि एनआइए केंद्रीय स्तर की जांच एजेंसी है, जिसकी जांच हो चुकी है।

ऐसे में राज्य शासन को अधिकार नहीं है कि फिर से उसी प्रकरण में अपराध दर्ज कराई जाए। इस मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने पुलिस द्वारा आपराधिक प्रकरण की जांच पर रोक लगाई है। वहीं, प्रकरण में जितेंद्र मुदलियार ने हाई कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर की है। इसमें बताया है कि झीरम हमला सामान्य नक्सली घटना नहीं है। बल्कि इसे राजनीतिक षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया है।

लंबे समय से प्रकरण की सुनवाई जस्टिस मनिंद्र श्रीवास्तव व जस्टिस विमला कपूर की बेंच में चल रही है। बुधवार दोपहर प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के अतिरिक्त सालिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी एनआइए का पक्ष रखेंगे। इस दोरान हस्तक्षेप याचिकाकर्ता के वकील सुदीप श्रीवास्तव व संदीप दुबे बहस करेंगे। प्रकरण की सुनवाई फिजिकल होगी। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता बनर्जी वर्चुअल उपस्थित होकर एनआए के पक्ष में तर्क रखेंगे।

Posted By: anil.kurrey

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