
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। सिम्स अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती मरीजों के परिजनों की मजबूरी का फायदा उठाकर ठगी करने का मामला सामने आया है। ब्लड की जरूरत बताकर मदद का भरोसा दिलाने पहुंचे एक युवक ने खुद को मरीज का रिश्तेदार बताकर पहले 1200 रुपये वसूल लिए। इसके बाद बातचीत करने के बहाने परिजन का मोबाइल लेकर फरार हो गया।
कुछ ही देर बाद मोबाइल से जुड़े खाते से 10 हजार रुपये निकलने की जानकारी मिली। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने सिम्स अधीक्षक से शिकायत कर सिटी कोतवाली थाने में एफआइआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर चार निवासी रुखमिन कैवर्त (55) पति बहोरन कैवर्त को शनिवार को पैर में चोट लगने के कारण सिम्स में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान डाक्टरों ने स्वजन को तीन यूनिट ब्लड की व्यवस्था करने के लिए कहा। इसी दौरान एक युवक उनके पास पहुंचा। उसने बहोरन कैवर्त को फूफा कहकर संबोधित किया और पैर छूकर प्रणाम किया।
उसके इस व्यवहार से परिजनों को लगा कि वह परिवार का परिचित है। इसके बाद युवक ने ब्लड की व्यवस्था कराने का भरोसा दिलाते हुए बहोरन से 500 रुपये ले लिए। कुछ देर बाद उसने मरीज के दामाद से भी 700 रुपये ले लिए। फिर किसी से फोन पर बात करने का बहाना बनाकर दामाद से मोबाइल मांगा।
मोबाइल हाथ में आते ही युवक वहां से गायब हो गया। स्वजन ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसी बीच मोबाइल से जुड़े खाते से 10 हजार रुपये निकलने की जानकारी मिली। तब परिवार को समझ आया कि रिश्तेदार बनकर आया युवक ठगी कर चुका है। घटना के बाद स्वजन ने सिम्स अधीक्षक के समक्ष शिकायत दर्ज कराई और सिटी कोतवाली थाने में भी आवेदन दिया। अस्पताल में उपचार और ब्लड की व्यवस्था के लिए परेशान मरीजों के परिजनों को निशाना बनाने की इस घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।