बाइक स्टंट व हाईवे पर बर्थडे मनाने से रोकने के लिए गाइडलाइन बनाए छत्तीसगढ़ सरकार: हाई कोर्ट
सड़कों पर खतरनाक तरीके से मोटरसाइकिल स्टंट करने और हाईवे पर बर्थडे मनाने की घटनाओं को लेकर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाने को कह...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 03:33:34 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 03:37:04 PM (IST)
HighLights
- हाई कोर्ट ने मीडिया खबर के आधार पर लिया स्वतः संज्ञान
- कहा, समय-समय पर जारी सामान्य निर्देश पर्याप्त नहीं
- सरकार को विशिष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने चाहिए
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। सड़कों पर खतरनाक तरीके से मोटरसाइकिल स्टंट करने और हाईवे पर बर्थडे मनाने की घटनाओं को लेकर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाने को कहा है।
चीफ जस्टिस कृष्न राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की युगलपीठ ने कहा कि पुलिस महानिदेशक स्तर से समय-समय पर निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन ऐसी गतिविधियों से निपटने के लिए सरकार ने अब तक कोई विशेष दिशा-निर्देश नहीं बनाए हैं।
मीडिया खबर के आधार पर स्वतः संज्ञान
मामला मीडिया खबर के आधार पर स्वतः संज्ञान से शुरू की गई जनहित याचिका के रूप में चल रहा है। 24 अगस्त 2026 की सुनवाई में बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उप महानिरीक्षक की ओर से शपथपत्र प्रस्तुत किया गया था। इसमें पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई और जागरूकता संबंधी कदमों का उल्लेख था।
समय-समय पर जारी सामान्य निर्देश पर्याप्त नहीं
28 सितंबर की सुनवाई में हाई कोर्ट ने कहा कि बाइक स्टंट और हाईवे पर जन्मदिन मनाने जैसी गतिविधियां आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। ऐसे मामलों में केवल समय-समय पर जारी सामान्य निर्देश पर्याप्त नहीं हैं।
सरकार को विशिष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने चाहिए
सरकार को खतरनाक गतिविधियों पर रोक लगाने और नागरिकों को जागरूक करने के लिए विशिष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने चाहिए। राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने मामले में विस्तृत निर्देश लेने करने और सरकार की ओर से हुई प्रगति से कोर्ट को अवगत कराने के लिए समय मांगा। हाई कोर्ट ने सुनवाई छह सप्ताह के लिए टाल दी है।