यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gupt Navratri 2023: आदिशक्ति मां महामाया मंदिर रतनपुर में घटस्थापना पूजा, ज्योति कलश होंगे प्रज्वलित
Gupt Navratri 2023: देवी मंदिरों में आज से होगी ज्योति कलश प्रज्वलित, दुर्गा सप्तमी पाठ
By Manoj Kumar TiwariEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Sun, 22 Jan 2023 08:59:12 AM (IST)Updated Date: Sun, 22 Jan 2023 08:59:12 AM (IST)

बिलासपुर। गुप्त नवरात्र आज से शुरू हो चुका है। सनातन धर्म में चार नवरात्र होते हैं। माघ और आषाढ़ में पड़ने वाली नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहा जाता है। इसके अलावा चैत्र और शारदीय नवरात्र मनाया जाता है। इसमें भी नौ दिनों तक आदिशक्ति के अलग-अलग रूपों की पूजा अर्चना की जाती है। इसमें तांत्रिक व सात्विक दोनों प्रकार की पूजा-आराधना होती है। रविवार सुबह से आदि शक्ति मां महामाया मंदिर रतनपुर में घट स्थापना की जा रही है।
सिद्ध शक्तिपीठ श्री महामायादेवी मंदिर ट्रस्ट रतनपुर में माघ नवरात्र महोत्सव हर साल मनाया जाता है। माघ शुक्ल एक रविवार 22 जनवरी की सुबह 07.30 बजे से 10 बजे तक घटस्थापन की जाएगी। ज्योतिकलश प्रज्वलन, देवी षोडशोपचार पूजन, दुर्गासप्तशती आदि पाठ किया जाएगा। माघ शुक्ल आठ रविवार 29 जनवरी की सुबह आठ बजे से यज्ञवेदी पूजन महाष्टमी हवन, पूर्णाहूति मध्यान्ह एक बजे से एवं यज्ञशान्ति पुष्पांजलि आशीर्वाद ।
माघ शुक्ल सोमवार 30 जनवरी को महानवमी पूजन पूर्वान्ह 11.00 बजे राजसी नैवेद्य, कन्याभोज, ब्रह्मभोज, गुप्त नवरात्रि विर्सजन होगा। इसके अलावा शहर के श्री पीताम्बरा पीठ सुभाष चौक सरकंडा स्थित श्री ब्रम्हशक्ति बगलामुखी देवी मंदिर में माघ गुप्त नवरात्र उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
इस अवसर पर माता श्री ब्रम्हशक्ति बगलामुखी देवी का विशेष पूजन, शृंगार, देवाधिदेव महादेव का स्त्राभिषेक, महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती, राजराजेश्वरी, त्रिपुर सुंदरी देवी का श्री सूक्त षोडश मंत्र द्वारा दूधधारियापूर्वक अभिषेक, बगलामुखी मंत्र जाप ब्राह्मणों के द्वारा निरंतर चलेगा। प्रथम दिवस मंत्र जाप, अनुष्ठान, प्रतिदिन रुद्राभिषेक होगा। 26 को पंचमी पर सरस्वती जयंती एवं सहस्त्रनाम से पुष्प अर्पण तथा 30 जनवरी को नवमीं पर हवन, यज्ञ, कन्यापूजन एवं भंडारा होगा। 3,1 जनवरी को गुप्त नवरात्र समापन होगा।
नौ दिनों तक उपवास
गुप्त नवरात्र पर भक्त नौ दिनों तक उपवास रखेंगे। शहर के अलग-अलग देवी मंदिरों में इस दौरान विशेष पूजा अर्चना की जायगी। ज्योतिषाचार्य पंडित वासुदेव शर्मा का कहना है कि गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। नौ दिनों तक देवी मां की सेवा आराधना करने के बाद दशमी को समापन होता है। घरों में भी भक्त दुर्गा सप्तमी का पाठ करते हैं। चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तरह इसमें भी हर दिन देवी मां के अलग-अलग रूपों की पूजा अर्चना कर भोग प्रसाद चढ़ाया जाता है। इस दौरान पूजन में कई चीजें गुप्त रखी जाती है।