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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गुरु पूर्णिमा आज, जीवंत होगी गुरु-शिष्य की अनूठी परंपरा

गुरु पूर्णिमा का पर्व विशेष रूप से गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित है। इस दिन शिष्य अपने गुरु की पूजा करते हैं और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं। गुर...और पढ़ें

By Manoj Kumar TiwariEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Sun, 21 Jul 2024 07:10:39 AM (IST)Updated Date: Sun, 21 Jul 2024 07:10:39 AM (IST)
गुरु पूर्णिमा आज, जीवंत होगी गुरु-शिष्य की अनूठी परंपरा
सांकेतिक चित्र

HighLights

  1. गुरु पूर्णिमा का पर्व 21 जुलाई रविवार को मनाया जाएगा
  2. गुरु पूर्णिमा पर व्रत रखने और दान करने का भी महत्व है।
  3. गुरु पूर्णिमा महासंयोगों के साथ खास होगा आयोजन

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। गुरु पूर्णिमा का पर्व 21 जुलाई को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि शनिवार की शाम 6 बजे से शुरू हो गई थी। यह रविवार की दोपहर 3.47 बजे तक रहेगी। सूर्योदय तिथि 21 जुलाई को है, इसलिए यह पर्व उसी दिन मनाया जाएगा। यह पर्व अपने गुरु के प्रति आस्था प्रकट करने का अवसर है। इस बार गुरु पूर्णिमा का पर्व सर्वार्थ सिद्धि, प्रीति योग, उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्रों के महासंयोगों के साथ मनाया जाएगा। इसी दिन से संन्यासी चातुर्मास का प्रारंभ भी होगा, जो विशेष महत्व रखता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान परशुराम ने अपने गुरु महर्षि जमदग्नि की पूजा की थी, जो इस पर्व के महत्व को और बढ़ाता है। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा पर सर्वार्थ सिद्धि और प्रीति योग के संयोग से यह पर्व और भी शुभ और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रमुख मंदिरों में होंगे ये कार्यक्रम

व्यंकटेश मंदिर:

व्यंकटेश मंदिर में सुबह 5 बजे से पूजा-अर्चना शुरू होगी। सबसे पहले आचार्य गद्दी का पूजन किया जाएगा और गुरु परंपरा का इतिहास शिष्यों को बताया जाएगा। षोडशोपचार के बाद भजन-कीर्तन और भंडारा होगा। प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से शिष्य पूजन करने पहुंच रहे हैं।


गायत्री मंदिर:

विनोबा नगर गायत्री मंदिर में 20 जुलाई को सूर्योदय से सूर्यास्त तक जप होगा। वहीं 21 जुलाई को सुबह हवन-पूजन का आयोजन होगा। इस दौरान गुरु के महत्व को बताया जाएगा।

रामकृष्ण मिशन:

कोनी स्थित रामकृष्ण मिशन में सुबह 8 बजे गुरु शिष्यों के लिए विशेष पूजन होगा। इसके बाद शिष्य पुष्पांजलि करेंगे। भजन-कीर्तन होगा और प्रसाद वितरित किया जाएगा।

झूलेलाल मंदिर चकरभाठा:

सुबह 7 बजे गुरु का पूजन करने भक्त पहुंचेंगे। पंचाभिषेक के बाद गुरु को अर्पित किया जाएगा। पूजन के बाद भजन-कीर्तन होगा।

सत्यम ओम योग विद्यालय

गुरु पूर्णिमा सत्यम ओम योग विद्यालय में सुबह 7 बजे से मनाई जाएगी। सुबह 8 बजे से हवन व भजन कीर्तन का आयोजन होगा।

श्री सिद्धिविनायक मंदिर रतनपुर

श्री सिद्धिविनायक मंदिर में सुबह 9 बजे से गौरी, गणेश पूजन और अभिषेक होगा। सुबह 11 बजे से गुरु पूजन होगा और 12.30 बजे प्रसाद वितरण किया जाएगा।

हेमूनगर हिंदू मिलन मंदिर

गुरु स्वामी प्रगवानंद का पूजन हेमूनगर हिंदू मिलन मंदिर में होगा। यहां हवन व भजन-कीर्तन किया जाएगा।

श्री सर्वेस्वरी समूह शाखा सेंदरी:

सुबह 8 बजे पूजा के बाद ग्रंथ 'सफल योनि' का पाठ होगा और फिर प्रसाद वितरण किया जाएगा।

बांसाझाल आश्रम

बांसाझाल आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर 5 गांव की महिलाओं को साड़ी बाटी जाएगी। यहां गुरु की पूजा-अर्चना, हवन के बाद प्रसाद वितरित किया जाएगा।

गुरु पूर्णिमा का महत्व और कथा

गुरु पूर्णिमा का पर्व महर्षि वेद व्यास की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने वेदों का संकलन किया और महाभारत की रचना की। इस दिन शिष्य अपने गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करते हैं। गुरु का स्थान सर्वोच्च माना जाता है और उन्हें भगवान से भी उच्च स्थान दिया जाता है। इस दिन गुरु की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का महत्व है। पौराणिक कथा के अनुसार, व्यास पूर्णिमा के दिन भगवान परशुराम ने अपने गुरु महर्षि जमदग्नि की पूजा की थी, इसलिए इस दिन को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है।