बिलासपुर की सड़कों की हालत पर हाई कोर्ट नाराज, नगर निगम आयुक्त को खुद उपस्थित होने का आदेश
सड़कों की बदहाली पर 2021 से चल रही जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई। चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा 5 साल में सुधार नहीं हुआ। बिलासपुर में एक भी सड...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 04:41:39 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 04:41:39 PM (IST)
हाई कोर्टHighLights
- बिलासपुर की सड़कों पर हाईकोर्ट सख्तए 5 साल बाद भी हालत जस की तस, नगर निगम आयुक्त को तलब किया
- हाईकोर्ट की फटकार - बिलासपुर में एक भी सड़क चलने लायक नहीं: 14 अक्टूबर को आयुक्त हाजिर हों, नहीं तो कार्रवाई
- बिलासपुर-रायपुर NH पर भी कोर्ट की नजरए पूरा होने की समयसीमा बताएं, जनहित याचिका पर 7 अक्टूबर को हुई सुनवाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की सड़कों की बदहाली को लेकर 2021 से चल रही जनहित याचिका पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने नाराजगी जताई है। मुख्य न्यायाधीश कृष्ण राम महापात्र और न्यायमूर्ति संतोष शर्मा की पीठ ने कहा कि जनहित याचिका शुरू हुए पांच साल हो गए, लेकिन राज्य की सड़कों की स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है।
बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की स्थिति को लेकर कोर्ट ने विशेष नाराजगी जताई। अगली सुनवाई में नगर निगम आयुक्त को स्वयं उपस्थित होने या नगर निगम की ओर से उचित प्रतिनिधि भेजने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मामले की सुनवाई सात अक्टूबर को हुई। कोर्ट ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और कोरबा कलेक्टर की ओर से पेश किए गए शपथपत्र भी रिकार्ड पर लिए। कोर्ट ने इन शपथपत्रों को सड़कों की स्थिति को लेकर चिंताजनक बताया।
कोर्ट ने एनएचएआइ के शपथपत्र का हवाला देते हुए कहा कि मोपका-सेंदरी मार्ग अब तक एनएचएआइ को सौंपा ही नहीं गया है। मार्ग अभी लोक निर्माण विभाग के बिलासपुर संभाग के नियंत्रण में है और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार की है।
एनएचएआई के अनुसार इस मार्ग को सौंपने की प्रक्रिया अभी चल रही है। इस पर कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार या तो परियोजना पूरी करने में रुचि नहीं ले रही है या फिर इसे एनएचएआई को सौंपने की इच्छुक नहीं है। राज्य के अधिवक्ता ने जवाब के लिए समय मांगा। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग के सचिव का शपथपत्र पेश करने को कहा है। \
बिलासपुर-रायपुर मार्ग की समयसीमा बताएं
कोर्ट ने एनएचएआइ के अधिवक्ता को बिलासपुर-रायपुर मार्ग के निर्माण को पूरा करने में लगने वाले समय की जानकारी लेने का निर्देश दिया। रायपुर और बिलासपुर के परियोजना अधिकारियों को भी इस संबंध में शपथपत्र पेश करना होगा।
नगर निगम की सड़कों पर अमिकस क्यूरी ने उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान न्यायालय की सहायता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव ने नगर निगम बिलासपुर के अधीन सड़कों की खराब हालत पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एक भी सड़क चलने लायक नहीं है। उन्होंने आगामी पूजा पर्व को देखते हुए तत्काल मरम्मत की जरूरत बताई और कहा कि सड़कों की स्थिति नहीं सुधरी तो दुर्घटनाओं और लोगों के घायल होने की आशंका है।
कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को 14 अक्टूबर की अगली सुनवाई तक शपथपत्र पेश कर यह बताने का निर्देश दिया है कि नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।