
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक मामले में संवेदनशील रुख अपनाते हुए नगर पालिक निगम राजनांदगांव को आवेदक के लंबित आवेदन पर 45 दिनों के भीतर अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि आवेदन पर कानूनन निर्णय लिया जाना आवश्यक है और उसे अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकता।
मामले के अनुसार राजनांदगांव के शंकरपुर निवासी संजय कुमार नायक की माता स्वर्गीय मीरा नायक का 15 फरवरी 2017 को सेवाकाल के दौरान निधन हो गया था। इसके बाद परिवार की ओर से पहले उनके भाई ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, जिसे वर्ष 2018 में अस्वीकार कर दिया गया।
बाद में संजय कुमार नायक ने अपनी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर 10 जनवरी 2025 को नगर निगम आयुक्त के समक्ष आवश्यक दस्तावेजों सहित नया आवेदन प्रस्तुत किया।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकुश सोनी ने तर्क दिया कि आवेदन दिए जाने के बाद भी लंबे समय तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। वहीं नगर निगम की ओर से अधिवक्ताओं संदीप दुबे और मानस वाजपेयी ने अदालत को बताया कि आवेदन वर्तमान में विचाराधीन है और नियमानुसार उस पर निर्णय लिया जाएगा। राज्य शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता सब्यसाची चौबे ने भी इस पक्ष का समर्थन किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिया कि वे 10 जनवरी 2025 के आवेदन पर आदेश की प्रति प्राप्त होने से 45 दिनों के भीतर प्राथमिकता के आधार पर अंतिम निर्णय लें। इसके साथ ही याचिका और सभी लंबित अंतरिम आवेदनों का निपटारा कर दिया गया।