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45% दिव्यांग शिक्षक को हाई कोर्ट से राहत, 42 KM दूर तबादले पर रोक, पास के स्कूल में पदस्थ करने के निर्देश

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 45 प्रतिशत दिव्यांग शिक्षक टेकश्वर कौशिक को राहत देते हुए उन्हें वर्तमान पदस्थापना के नजदीक स्कूल में पदस्थ करने का निर्देश दिय...और पढ़ें

By Kamlesh RajakEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 01:42:26 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 01:42:26 PM (IST)
45% दिव्यांग शिक्षक को हाई कोर्ट से राहत, 42 KM दूर तबादले पर रोक, पास के स्कूल में पदस्थ करने के निर्देश
45% दिव्यांग शिक्षक को हाई कोर्ट से राहत मिली है (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. 45% दिव्यांग शिक्षक को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है
  2. 45 प्रतिशत दिव्यांग शिक्षक को 42 किमी दूर किया था स्थानांतरित
  3. हाई कोर्ट ने 30 दिन के अंदर नजदीक पदस्थ करने को कहा है

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 45 प्रतिशत दिव्यांग शिक्षक टेकश्वर कौशिक को राहत देते हुए उन्हें वर्तमान पदस्थापना के नजदीक स्कूल में पदस्थ करने का निर्देश दिया है। कबीरधाम जिले के ग्राम सेमरिया निवासी टेकश्वर कौशिक को शासकीय प्राथमिक शाला सेमरिया से करीब 42 किलोमीटर दूर शासकीय माध्यमिक शाला कृतबंधा स्थानांतरित किया गया था।

न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को निर्देश दिया है कि शिक्षक को शासकीय माध्यमिक शाला गोचिया या शासकीय माध्यमिक शाला बंधौरा में से किसी एक स्थान पर पदस्थ किया जाए। इसके लिए 30 दिन की समय-सीमा तय की गई है।


दिव्यांगता और दूरी का दिया था हवाला

टेकश्वर कौशिक ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर 6 अगस्त 2026 के तबादला आदेश को चुनौती दी थी। वह कबीरधाम जिले के लोहारा विकासखंड की शासकीय प्राथमिक शाला सेमरिया में सहायक शिक्षक (एलबी), विज्ञान के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने बताया कि वह 45 प्रतिशत अस्थि दिव्यांग हैं। ऐसे में वर्तमान पदस्थापना से करीब 42 किलोमीटर दूर स्कूल में स्थानांतरण से उन्हें परेशानी होगी।

इससे पहले भी उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उस पर कोर्ट ने उन्हें स्थानांतरण नीति के तहत गठित समिति के समक्ष अभ्यावेदन देने का निर्देश दिया था। शिक्षक ने दिव्यांगता और नई पदस्थापना की दूरी का हवाला देते हुए अभ्यावेदन दिया, लेकिन उनकी मांग खारिज कर दी गई। इसके बाद उन्होंने दोबारा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

दो स्कूलों में पद खाली होने की जानकारी

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि शिक्षक की वर्तमान पदस्थापना के नजदीक उनके पद के अनुरूप कोई रिक्त पद उपलब्ध है या नहीं। जिला शिक्षा अधिकारी, कबीरधाम से मिली जानकारी के अनुसार शासकीय माध्यमिक शाला गोचिया और शासकीय माध्यमिक शाला बंधौरा में पद खाली हैं।

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

कोर्ट ने शिक्षक की दिव्यांगता और नजदीकी स्कूलों में रिक्त पदों की उपलब्धता को देखते हुए उनकी शिकायत का समाधान जरूरी माना। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह स्थानांतरण नीति या मूल तबादला आदेश की वैधता पर कोई राय नहीं दे रहा है।

स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को निर्देश दिया गया है कि सक्षम प्राधिकारी की ओर से उचित स्थान का चयन कर दोनों में से किसी एक स्कूल में उनकी पदस्थापना की जाए और आदेश की प्रति मिलने के 30 दिन के भीतर आदेश जारी किया जाए।