• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

रिटायरमेंट डेट पर हाई कोर्ट का फैसला लंबित, शिक्षिका की जन्मतिथि विवाद पर शिक्षा विभाग के निष्कर्ष पर उठाए सवाल

जन्मतिथि में एक वर्ष के अंतर को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग से संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा है।

By Kamlesh RajakEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 04:58:28 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 04:58:28 PM (IST)
रिटायरमेंट डेट पर हाई कोर्ट का फैसला लंबित, शिक्षिका की जन्मतिथि विवाद पर शिक्षा विभाग के निष्कर्ष पर उठाए सवाल
शिक्षिका की जन्मतिथि विवाद पर हाई कोर्ट सख्त।

HighLights

  1. शिक्षिका की जन्मतिथि विवाद पर हाई कोर्ट सख्त
  2. 3 सप्ताह में मांगे सेवानिवृत्ति के आधार दस्तावेज
  3. हाई कोर्ट ने खारिज किया विभाग का शपथपत्र

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। जन्मतिथि में एक वर्ष के अंतर को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग से संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा है। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु ने पाया कि शिक्षा विभाग की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज में याचिकाकर्ता की जन्मतिथि 28 दिसंबर 1957 दर्ज करते हुए उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख 30 दिसंबर 2019 निर्धारित की गई है, लेकिन इस निष्कर्ष का आधार स्पष्ट नहीं है। कोर्ट ने राज्य को जन्मतिथि निर्धारित करने के आधार से जुड़े दस्तावेज पेश करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।

मामले में हाई कोर्ट ने 28 जुलाई 2026 को पूर्व में आदेश जारी किया था। उसके अनुपालन में संयुक्त संचालक, शिक्षा, रायपुर की ओर से शपथपत्र पेश किया गया। इसमें बताया गया कि याचिकाकर्ता की जन्मतिथि से संबंधित विवाद को 21 अगस्त 2026 के दस्तावेज (एनेक्सचर ए-1) के माध्यम से सुलझा लिया गया है।


जन्मतिथि विवाद और याचिकाकर्ता का दावा

हालांकि, हाई कोर्ट ने दस्तावेज का अवलोकन करने के बाद पाया कि इसमें उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रमाणपत्र परीक्षा के आधार पर याचिकाकर्ता की जन्मतिथि 28.12.1957 बताई गई है और इसी आधार पर सेवानिवृत्ति की तारीख 30 दिसंबर 2019 तय की गई है।

याचिकाकर्ता सुहासिनी पत्तलवार की ओर से अधिवक्ता चक्रेश तिवारी ने कोर्ट के समक्ष दावा रखा कि उनकी वास्तविक जन्मतिथि 28 दिसंबर 1958 है। ऐसे में विभाग द्वारा 28 दिसंबर 1957 को जन्मतिथि मानने और उसके आधार पर सेवानिवृत्ति की तारीख तय करने को लेकर विवाद बना हुआ है। कोर्ट ने कहा कि विभाग ने 1957 की जन्मतिथि दर्ज करने का जो निष्कर्ष निकाला है, उसका आधार स्पष्ट नहीं है और इस संबंध में कोई सहायक दस्तावेज भी रिकार्ड पर प्रस्तुत नहीं किया गया है।

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में भाजपा को झटका... मंत्री खुशवंत के भाई ढाल दास कांग्रेस में शामिल, मुंगेली विधानसभा से चुनाव लड़ने की जताई इच्छा

तीन सप्ताह में दस्तावेज पेश करने का निर्देश

राज्य की ओर से उपस्थित शासकीय अधिवक्ता पूर्वा तिवारी ने संबंधित दस्तावेज रिकॉर्ड पर लाने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा। हाई कोर्ट ने समय देते हुए राज्य को वे सभी प्रासंगिक दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया, जिनके आधार पर याचिकाकर्ता की जन्मतिथि 28 दिसंबर 1957 दर्ज की गई है। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर 2026 को होगी। फिलहाल हाई कोर्ट ने जन्मतिथि के विवाद पर अंतिम निर्णय नहीं दिया है।