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अस्पताल बदहाल और अफसर एआई के चक्कर में! हाई कोर्ट ने पकड़ी बिलासपुर सिम्स की फर्जी प्रगति रिपोर्ट

स्वास्थ्य सचिव और सीजीएमएससी ने सौंपी सिम्स की प्रगति रिपोर्ट, कोर्ट कमिश्नर करेंगे दावों का भौतिक सत्यापन, स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई: गर्भ...और पढ़ें

By Manoj Kumar TiwariEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Wed, 08 Jul 2026 09:50:22 AM (IST)Updated Date: Wed, 08 Jul 2026 09:50:22 AM (IST)
अस्पताल बदहाल और अफसर एआई के चक्कर में! हाई कोर्ट ने पकड़ी बिलासपुर सिम्स की फर्जी प्रगति रिपोर्ट

HighLights

  1. स्वास्थ्य सचिव और सीजीएमएससी ने सौंपी सिम्स की प्रगति रिपोर्ट, कोर्ट कमिश्नर करेंगे दावों का भौतिक सत्यापन
  2. सिम्स मामले में हाई कोर्ट में पेश हुआ एआई से बना शपथ पत्र; सीजे बोले— कोर्ट को गुमराह न करें
  3. बंद कमरों की तकनीकी चतुराई नहीं चलेगी; चीफ जस्टिस ने सिम्स के कागजी दावों को किया खारिज

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सिम्स की बदहाली को लेकर दायर स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान राज्य शासन के स्वास्थ्य सचिव और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक ने कोर्ट के पिछले आदेश के परिपालन में अपने-अपने व्यक्तिगत हलफनामा पेश किए। हाईकोर्ट ने इन हलफनामों में किए गए दावों की जमीनी हकीकत जांचने के लिए कोर्ट कमिश्नर को भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 को होगी।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नर अपूर्व त्रिपाठी, अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर और सीजीएमएससी के वकील त्रिविक्रम नायक उपस्थित रहे। मामला मीडिया में प्रकाशित खबर सिम्स में स्ट्रेचर पर एसी ले जाने और गर्भवती महिला को पैदल चलने पर मजबूर होने की बात सामने आई थी।


स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव द्वारा पेश हलफनामे के अनुसार, कोर्ट कमिश्नर की निरीक्षण रिपोर्ट के बाद सिम्स अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कदम उठाए गए हैं।अस्पताल से कंडम सामानों और पुरानी मशीनों को हटाने की प्रक्रिया जारी है। डीन और मेडिकल सुपरिटेंडेंट खुद वाट्सऐप ग्रुप के जरिए इसकी दैनिक निगरानी कर रहे हैं। इसकी लागबुक गूगल शीट पर मेंटेन की जा रही है। सिम्स पर मरीजों का दबाव कम करने के लिए आसपास के जिलों के सीएमएचओ और सिविल सर्जनों को पत्र जारी किया गया है, ताकि बिना वजह मरीजों को बिलासपुर रिफर न किया जाए। संविदा पदों को भरने के लिए हर महीने वाक-इन-इंटरव्यू आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा टीचिंग और नान-टीचिंग स्टाफ के नए पदों की स्वीकृति के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है।

सिम्स रोड पर पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या को दूर करने के लिए कलेक्टर, एसपी और नगर निगम कमिश्नर को पत्र लिखा गया है। अस्पताल की छतों से पानी का रिसाव रोककर फाल्स सीलिंग ठीक करने का काम शुरू हो चुका है।

मेडिकल उपकरणों की खरीदी पर सीजीएमएससी ने पेश की रिपोर्ट

सीजीएमएससी के प्रबंध निदेशक ने कोर्ट को बताया कि सिम्स के लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीदी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।पूर्व में आर्डर किए गए 13 महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण सिम्स को डिलीवर कर दिए गए हैं। बी-स्कैन और ईईजी मशीन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर 16 जून 2026 को इसका परचेज आर्डर जारी कर दिया गया है। एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन व ब्रोंकोस्कोप के लिए एल-1 (न्यूनतम) दरों को 22 जून को मंजूरी मिल चुकी है, जल्द ही सप्लाई आर्डर जारी होगा। वेंटिलेटर, ईएनटी आपरेटिंग माइक्रोस्कोप समेत 6 श्रेणियों के उपकरणों का सिम्स के यूजर डिपार्टमेंट के सामने प्रदर्शन चल रहा है। सोनोग्राफी और ईको मशीनों के टेंडर वर्तमान में तकनीकी मूल्यांकन के चरण में हैं। वहीं पेसमेकर और स्पायरोमीटर समेत 6 अन्य उपकरणों के लिए री-टेंडर जारी किया गया है, जिसकी टेक्निकल बिड 9 जुलाई को खुलेगी।

फायर फाइटिंग सिस्टम भी दुरुस्त करने का दावा

सीजीएमएसएसी ने कोर्ट को यह भी आश्वस्त किया है कि कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट में सिम्स के भीतर फायर फाइटिंग सिस्टम और फाल्स सीलिंग को लेकर जो कमियां बताई गई थीं, उन्हें दूर करने का काम शुरू कर दिया गया है। 15 जून को इस संबंध में सिम्स प्रशासन को पत्र भेजकर काम जल्द पूरा करने की बात कही गई है।

दोनों हलफनामे रिकार्ड पर, कोर्ट कमिश्नर करेंगे जांच

हाईकोर्ट ने दोनों हलफनामों को रिकार्ड पर लेते हुए कोर्ट कमिश्नर अपूर्व त्रिपाठी को निर्देश दिया है कि वे सिम्स अस्पताल जाकर अफसरों द्वारा दावों में बताई गई प्रगति की बारीकी से जांच करें और 21 जुलाई को अपनी स्वतंत्र रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

यह भी पढ़ें- साइबर ठगी के पीड़ितों को रकम वापस दिलाना पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी: बिलासपुर आइजी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश