बिलासपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोदो-कुटकी के सेवन से हम अपने शरीर का रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसें बढ़ाएं और किस तरह का संतुलित आहार ग्रहण करें। इस संबंध में आज स्व. लखीराम अग्रवाल आडिटोरियम में मिलेट मैन आफ इंडिया के नाम से ख्याति प्राप्त डा. खादर वल्ली का विशेष कार्यक्रम होगा। अपनी तरह का छत्तीसगढ़ में यह पहला आयोजन है। आहार के माध्यम से आरोग्य किस प्रकार प्राप्त किया जा सकता है वैज्ञानिक रूप से इसका विश्लेषण कर डा. खादर वल्ली विस्तार से जानकारी देंगे।
स्व. लखीराम अग्रवाल आडिटोरियम में आहार से आरोग्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह शाम पांच से रात नौ बजे तक होगा।
स्वास्थ्य मंंत्री टीएस सिंहदेव वर्चुअल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जुड़ेंगे। एल्डरमैन शैलेंद्र जायसवाल ने बताया कि मिलेट और संतुलित आहार को लेकर डा. वल्ली के शोध को दुनिया ने लोहा माना है। उनका मानना है कि हम संतुलित खाद्य के फेर में कब अंसतुलित खान-पान के शिकार हो जाते हैं।
पौष्टिक खान-पान को लेकर बहुत ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। डा. वल्ली के अनुसार भोजन में चावल, गेंहू को कम करके या हटा कर मिलेट यानी श्रीधान्य का ज्यादा से ज्यादा लेकिन संतुलित मात्रा में उपयोग किया जाना जरूरी होता है। ऐसे भोजन से अनेक बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। एल्डरमैन जायसवाल ने बताया कि डा खादर वल्ली की शिक्षा अमेरिका में हुई है। उन्होंने संतुलित भोजन पर बहुत अध्ययन किया है।
मिलेट शैफ मेघना ने कहा-कोदो की अंबाली का करें सेवन
भारत की मशहूर मिलेट शैफ मेघना शुक्ला ने आज मंगला स्थित सत्य ओम योग विद्यालय में मोटे अनाज (मिलेट) के गुणों पर प्रकाश डालते हुये बताया कि कोरोनाकाल में जिन लोगों में इम्यून सिस्टम में कमजोरी आई है उसे दूर करने का सबसे बेहतर उपाय है कि वह कोदो की अंबली का सेवन शुरू करें।
छत्तीसगढ़ का बोरे-बासी, जिसमें चावल की जगह कोदो का प्रयोग किया जाता है उसके सतत सेवन से व्यक्ति का इम्यून सिस्टम पुन: संतुलित एवं मजबूत हो जाता है। इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान करने वाला सिरोटोनिन नामक एंजाइम जिसका कि 80 प्रतिशत उत्पादन अमाशय में होता है। खमीर उठे अंबली के सेवन से उसमें अत्याधिक वृद्धि होती है।