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अब चुप नहीं बैठेंगे, बिलासपुर और उसलापुर में सैकड़ों रनिंग परिवारों की महिलाओ ने निकाली विशाल रैली, जीएम कार्यालय का घेराव

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर मंडल में रनिंग स्टाफ का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को उस समय और व्यापक हो गया जब बड़ी संख्या में परिवारों की...और पढ़ें

By Shiv SoniEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 10:28:14 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 10:28:14 PM (IST)
अब चुप नहीं बैठेंगे, बिलासपुर और उसलापुर में सैकड़ों रनिंग परिवारों की महिलाओ ने निकाली विशाल रैली, जीएम कार्यालय का घेराव
रनिंग स्टाफ के साथ रैली में शामिल परिवार की महिलाएं।

HighLights

  1. रनिंग स्टाफ के समर्थन में सड़क पर उतरीं परिवार की महिलाएं।
  2. उच्चस्तरीय वार्ता के बाद फिलहाल स्थगित हुआ आंदोलन।
  3. समस्याओं के समाधान का मिला सकारात्मक आश्वासन।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: प्रशासनिक उपेक्षा से उत्पन्न समस्याओं और कथित अनियमितताओं के विरोध में बिलासपुर मंडल के रनिंग स्टाफ का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को उस समय व्यापक रूप ले गया, जब बड़ी संख्या में रनिंग स्टाफ के परिवारों की महिला सदस्यों ने आंदोलन में भागीदारी की। आंदोलनकारियों ने विभिन्न क्रू लाबियों में धरना और रैली निकालकर अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

परिवार की महिलाओं ने कर्मचारियों के साथ मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। रनिंग स्टाफ चार सितंबर से बिजुरी और आठ सितंबर से बिलासपुर मंडल की सभी क्रू लाबी बिलासपुर, उसलापुर, पेंड्रारोड, शहडोल, सूरजपुर, कोरबा, अकलतरा, खरसिया, रायगढ़ और ब्रजराजनगर में अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। यह आंदोलन बुधवार को और मजबूत हो गया, जब महिला शक्ति ने मोर्चा संभाला।


आंदोलन के समर्थन में रनिंग स्टाफ परिवारों की महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। बिलासपुर को छोड़कर अन्य सभी मुख्यालयों पर धरना एवं रैली आयोजित की गई तथा स्थानीय प्रशासन को रेल महाप्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपा गया। वहीं, बिलासपुर और उसलापुर के सैकड़ों रनिंग परिवारों ने संयुक्त क्रू लाबी स्टेशन से रेल महाप्रबंधक कार्यालय तक विशाल रैली निकाली। रैली के बाद जीएम व डीआरएम कार्यालय के समक्ष घंटों धरना देकर कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई गई।

प्रमोशन से लेकर चार्जशीट तक उठे सवाल

आंदोलन के दौरान रनिंग स्टाफ ने प्रशासनिक स्तर पर कथित खामियों और अनियमितताओं को प्रमुखता से उठाया। इनमें प्रमोशन में अनियमितता, स्थानांतरण संबंधी समस्याएं, अनैतिक चार्जशीट तथा वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (परिचालन) के कथित अनैतिक व्यवहार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

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उच्चस्तरीय वार्ता के बाद आंदोलन फिलहाल स्थगित

आंदोलन के बीच रेल महाप्रबंधक के निर्देश पर एलारसा के प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता के नेतृत्व में उच्च अधिकारियों की समिति से बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने रनिंग स्टाफ की समस्याओं को विस्तार से रखते हुए उनके शीघ्र समाधान का अनुरोध किया।

वार्ता के दौरान उच्च अधिकारियों की ओर से समस्याओं के समाधान को लेकर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद संगठन की समिति ने सर्वसम्मति से फिलहाल अनिश्चितकालीन धरने को स्थगित करने का निर्णय लिया। यह जानकारी एलारसा के जोनल महासचिव वीके तिवारी ने दी।

पहली बार आंदोलन में परिवारों की इतनी बड़ी भागीदारी

रनिंग स्टाफ के आंदोलन में उस समय नया मोड़ आ गया, जब परिवार की महिलाएं बच्चों को साथ लेकर सड़क पर उतर आईं। महिला शक्ति की इस भागीदारी ने आंदोलन को न केवल व्यापक बनाया, बल्कि इसे मजबूती भी दी। आमतौर पर रेलवे कर्मचारियों के आंदोलन में परिवारों की इतनी बड़ी भागीदारी देखने को नहीं मिलती। ऐसे में रनिंग स्टाफ का परिवार सहित सड़क पर उतरना रेल प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बन गया।

आंदोलन के दौरान प्रशासनिक स्तर की खामियां और कर्मचारियों की शिकायतें खुलकर सामने आईं। खास बात यह रही कि अनिश्चितकालीन धरना शुरू होने के कई दिनों बाद तक कोई अधिकारी आंदोलनकारियों से मिलने नहीं पहुंचा। हालांकि, परिवारों की बढ़ती भागीदारी और दबाव के बाद अधिकारियों की उच्चस्तरीय समिति ने प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की।