
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। रेलवे की रेल मदद सेवा यात्रियों की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है। ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को होने वाली परेशानी हो या फिर किसी विशेष आवश्यकता के लिए मदद की जरूरत, रेल मदद के जरिए रेलवे तक सूचना पहुंचाई जा सकती है।
सोमवार को इसका एक उदाहरण सामने आया। दुर्ग-दिल्ली स्पेशल ट्रेन में सफर कर रही एक महिला यात्री ने अपने तीन साल के बच्चे के लिए गर्म दूध की मांग की। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने तत्परता दिखाई और उसलापुर स्टेशन पर गर्म दूध की व्यवस्था कर बच्चे को उपलब्ध कराया।
दुर्ग-दिल्ली के बीच 08795 नंबर स्पेशल ट्रेन चल रही है। इसमें सफर कर रहीं संगीता सिंह ने सोमवार को दोपहर 1:08 बजे रेल मदद एप पर सहायता की गुहार लगाई। यह सूचना ट्रेन के तिल्दा स्टेशन से रवाना होने के बाद दी गई थी। महिला यात्री कोच बी-2 की बर्थ संख्या चार पर सफर कर रही थीं। उनके साथ तीन साल का बेटा भी था। सफर के दौरान बच्चे को गर्म दूध की जरूरत महसूस हुई। छोटे बच्चे के साथ लंबी दूरी की यात्रा में दूध की व्यवस्था करना आसान नहीं होता। ऐसे में महिला ने रेलवे से मदद मांगी।
सूचना दर्ज होने के बाद रेलवे के संबंधित अधिकारियों तक जानकारी पहुंचाई गई। इसके बाद उसलापुर स्टेशन पर दूध उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर उप स्टेशन अधीक्षक एफआर पटेल ने बोतल में गर्म दूध का इंतजाम कर यात्री को दिया। इस तरह कुछ समय बाद ही यात्री को राहत मिल गई। रेलवे की इस तत्परता की यात्रियों ने सराहना की।
ट्रेन में सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी होने पर यात्री रेल मदद सेवा के माध्यम से रेलवे प्रशासन तक अपनी शिकायत पहुंचा सकते हैं। इसके लिए रेलवे की वेबसाइट, मोबाइल एप और हेल्पलाइन नंबर 139 का उपयोग किया जा सकता है। यात्री इसका लाभ भी उठा रहे हैं। भोजन की गुणवत्ता, पानी और खानपान से जुड़ी शिकायत, ट्रेन की शौचालय और आसपास गंदगी होने पर शिकायत दर्ज कराई जाती है। रेलवे तत्काल शिकायतें दूर करती है।
इसके अलावा यात्रा के दौरान यात्री की तबीयत बिगड़ने पर मेडिकल मदद व सुरक्षा संबंधी शिकायतों को प्राथमिकता से दर्ज कर दूर किया जाता है। ट्रेन में पंखे, लाइट, एसी और अन्य उपकरणों में खराबी की शिकायत भी लगातार आती है, उसमें भी रेल प्रशासन त्वरित मदद करता है।