
डिजिटल डेस्क, बिलासपुर। भारतीय रेल की ओर से छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि (Indian Railways News) हासिल की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की गरिमामयी उपस्थिति में ताड़ोकी–रावघाट एवं अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर रावघाट–रायपुर एवं रायपुर–कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही, रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास भी किया गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक रेल पहुंचना दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। इन परियोजनाओं एवं नई यात्री रेल सेवाओं से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा नागरिकों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और माननीय केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ में रेल विकास की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
रायपुर स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में माननीय सांसद लक्ष्मी वर्मा, बृजमोहन अग्रवाल एवं रूपकुमारी चौधरी तथा विधायक पुरन्दर मिश्रा, सुनील सोनी, राजेश मूणत एवं मोती लाल साहू और रायपुर की महापौर मीनल चौबे उपस्थित रहीं। रावघाट स्टेशन पर माननीय सांसद भोजराज नाग, विधायक विक्रम उसेंडी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
दल्लीराझरा एवं रावघाट के मध्य 1,628 करोड़ रुपए की लागत से 95 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का कार्य पूर्ण किया गया है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का कार्य पूरा होने के साथ ही इस परियोजना का कार्य पूर्ण हुआ है। रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होने से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को रेल परिवहन की सुविधा मिलेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं व्यापार से जुड़े अवसरों तक उनकी पहुंच आसान होगी।
इस रेल लाइन से क्षेत्र की औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। विशेष रूप से रावघाट क्षेत्र के लौह अयस्क के परिवहन को गति मिलेगी, जिससे भिलाई इस्पात संयंत्र सहित देश के लौह एवं इस्पात उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।
बेहतर रेल संपर्क से कच्चे माल के परिवहन को अधिक सुगम बनाने तथा औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर विकसित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
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— Ministry of Railways (@RailMinIndia) October 20, 2026
केन्द्री-धमतरी एवं अभनपुर–राजिम गेज परिवर्तन परियोजना के अंतर्गत अभनपुर से राजिम के मध्य कार्य पूर्ण होने के बाद यात्री सेवाएं प्रारंभ की जा चुकी हैं। अभनपुर-धमतरी गेज परिवर्तन परियोजना के अंतर्गत अभनपुर-कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन कार्य पूर्ण किया गया है। इस परियोजना के शेष कुरूद-धमतरी सेक्शन में कार्य प्रगति पर है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा।
अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज लाइन के उद्घाटन से क्षेत्र में रेल संपर्क का विस्तार हुआ है। इससे यात्रियों को राजधानी रायपुर तक आवागमन के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्रीय विकास, व्यापार एवं दैनिक आवागमन को प्रोत्साहन मिलेगा।
रावघाट-रायपुर एवं रायपुर-कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं के प्रारंभ होने से संबंधित क्षेत्रों के यात्रियों को रायपुर तक सीधी रेल यात्रा की सुविधा मिलेगी। इन नई रेल सेवाओं की शुरुआत से युवाओं, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों एवं अन्य दैनिक यात्रियों में खुशी का माहौल है। राजधानी तक सुविधाजनक रेल संपर्क उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को शिक्षा, युवाओं को रोजगार तथा आम नागरिकों को चिकित्सा, व्यापार एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन में सुविधा मिलेगी।
इन सेवाओं से किसानों, व्यापारियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के अन्य यात्रियों को भी लाभ होगा। राजधानी तक आवागमन सुगम होने से शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार एवं पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर विकसित होंगे। साथ ही, किसानों को अपनी कृषि उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए परिवहन का बेहतर विकल्प मिलेगा।
इन सेवाओं से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों को राजधानी से जोड़ने तथा क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने में मदद मिलेगी। रायपुर से रावघाट तक यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए किराया मात्र 55 रुपए होगा। किफायती किराये में रेल यात्रा की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों, युवाओं, दैनिक यात्रियों और आम नागरिकों को लाभ मिलेगा।
रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास आधुनिक रेल अवसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस सुविधा के विकसित होने से भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित होगी। इससे इलेक्ट्रिक लोको की उपलब्धता बढ़ाने, रखरखाव संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने तथा रेल परिचालन को अधिक सुचारु एवं सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी।
यह सुविधा देश में बढ़ती माल परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने, लौह अयस्क एवं अन्य औद्योगिक वस्तुओं के परिवहन को समर्थन देने और भारतीय रेल की परिचालन क्षमता को मजबूत करने में योगदान देगी। इन परियोजनाओं एवं नई यात्री रेल सेवाओं के शुभारंभ से छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है।
इससे दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ औद्योगिक, कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। रावघाट तक रेल का पहुंचना प्रदेश के रेल विकास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।