बिलासपुर। Bilaspur News: जगद्गुरु रामभद्राचार्य के मरवाही पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने अपने भक्तों को दिव्य प्रवचन दिया। कार्यक्रम के दौरान बडी संख्या में भक्त उपस्थित थे। प्रवचन के दौरान उन्होंने उपस्थित राम भक्तों से जानना चाहा कि रामचरित मानस के कौन से प्रसंग में चर्चा सुनना चाहेंगे।
जगद्गुरु ने छत्तीसगढ़ की बेटी माता कौशलिया के बारे में बताया कि किस प्रकार रावण ने माता कौशलिया का हरण कर मंजूषा में बंद कर अमरकंटक में नर्मदा नदी में फेंक दिया जो बह कर गंगा में आ गई। वंहा से सरयू नदी में आ गई। इसकी तट पर महाराजा ने देखा कि मंजूषा के अंदर एक सात वर्ष की बच्ची राम नाम का कीर्तन कर रही है तब राजा ने उन्हें ससम्मान तब के दक्षिण कौशल और आज के चन्द्रखुरी में पहुंचाया।
राजा भानुमान ने इस चरित्रवान राजा ने बहुत मन मोहा। इस प्रकार दक्षिण कौशल का संबंध हुआ। जगद्गुरु ने यह भी कहा छत्तीसगढ़ रामचन्द्र का ननिहाल है और वे छत्तीसगढ़वासियों के भांचा है जिस प्रकार श्रीकृष्ण को कंस गालियां देते थे। वही हाल छत्तीसगढ़ में नंद कुमार बघेल का है। श्रीरामचन्द्र के ऊपर जरा भी संदेह है तो नंदजी की हर प्रश्न का उत्तर मैं यंहा दूंगा। अगर नहीं दे सका तो अपना त्रिदंड यंही नर्मदा जी मे फेंक जाऊंगा।
नौ दिन की कथा है, नंदजी अवश्य आएं
जगद्गुरु ने यह भी कहा कि आने वाले समय पर छत्तीसगढ़ पूरे भारत का श्रेष्ठतम राज्य बनेगा। प्रदेश में अभी नक्सलियों की समस्या है। यह समस्या भी जल्द दूर हो जाएगी। जगद्गुरु रामभद्राचार्य की जो विशेषता है उसके अनुसार आज त्वरित माता कौशलिया एवं छत्तीसगढ़ के लिये एक भजन रूपी गीत की रचना की। उन्होंने कहा कि नौ दिन कार्यक्रम चलेगा। नंदजी कार्यक्रम में आएंगे तो मुझे खुशी होगी।