
बिलासपुर (निप्र)। ग्राम पंचायत चुनाव में पराजित एक महिला उम्मीदवार को तकरीबन साढ़े चार साल बाद अब जाकर न्याय मिल पाया है। पराजित सरपंच प्रत्याशी की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकलपीठ ने एसडीएम सक्ती के आदेश को निरस्त करते हुए पुनर्गणना का आदेश जारी किया है। याचिकाकर्ता मात्र एक वोट के अंतर से चुनाव हार गई थी। मामला जांजगीर-चांपा जिले की ग्राम पंचायत मलनी का है। ग्राम पंचायत चुनाव में याचिकाकर्ता संतोष बाई अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी सावित्री बाई से एक वोट से हार गई थी। चुनाव परिणाम के तुरंत बाद उन्होंने पुनर्गणना के लिए आवेदन लगाया था, जिसे पीठासीन अधिकारी ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सक्ती एसडीएम को आवेदन देते हुए पुनर्गणना की मांग की थी। एसडीएम ने भी उनके आवेदन को अमान्य कर दिया। एसडीएम के आदेश को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता ने अपने वकील पुष्पेंद्र पटेल के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुनर्गणना की गुहार लगाई थी। मामले की सुनवाई जस्टिस मनींद्र श्रीवास्तव के कोर्ट में हुई। उन्होंने एसडीएम के आदेश को निरस्त करते हुए पुनर्गणना करने का आदेश जारी कर दिया है।