• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

खरसिया में अविश्वास प्रस्ताव में 3 जगह तारीख गायब, SDM को हाई कोर्ट में हाजिरी का आदेश

अविश्वास प्रस्ताव के दस्तावेजों में तीन जगह तारीख गायब होने पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने खरसिया एसडीएम को 19 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से तलब कर कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

By Kamlesh RajakEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Fri, 06 Nov 2026 04:28:22 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Nov 2026 04:28:22 PM (IST)
  • को पसंदीदा स्रोत बनाएं preferred source google
खरसिया में अविश्वास प्रस्ताव में 3 जगह तारीख गायब, SDM को हाई कोर्ट में हाजिरी का आदेश
हाई कोर्ट

HighLights

  1. खरसिया अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई पर बिलासपुर हाई कोर्ट ने लगाई रोक।
  2. आदेश-पत्र में 3 जगह तारीख गायब होने पर कोर्ट सख्त।
  3. खरसिया एसडीएम 19 नवंबर को मूल रिकॉर्ड संग होंगे पेश।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: खरसिया में अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई में प्रक्रियागत खामियां मिलने पर हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है। आदेश-पत्र में तीन जगह तारीख दर्ज नहीं है और एसडीओ के हस्ताक्षर के सामने भी तारीख नहीं लिखी गई। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने खरसिया एसडीएम को 19 नवंबर 2026 को मूल रिकॉर्ड सहित व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर कार्रवाई की सत्यता स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।

यह आदेश पांच नवंबर को अनहित राम भैना की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हरि अग्रवाल और राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता अखिलेश कुमार उपस्थित हुए। याचिकाकर्ता ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में 1994 के नियमों का पालन नहीं हुआ। मांग प्राप्त होने की तारीख और समय दर्ज नहीं किए गए और पावती भी नहीं दी गई। उनके अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 के आदेश-पत्र में अधिनियम की धारा 21(3) के तहत जरूरी संतुष्टि दर्ज नहीं है।


28 अक्टूबर के नोटिस का स्पष्ट आधारभूत आदेश भी उपलब्ध नहीं है और बैठक का स्थान अलग बताया गया है। उन्होंने मांग-पत्र के हस्ताक्षरों की संख्या और प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए दस्तावेज न मिलने से पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं मिलने की बात कही। धारा 40 के तहत वित्तीय अनियमितताओं की जांच लंबित होने का हवाला देकर रोक मांगी गई।

10 दिन का दिया समय

राज्य ने कहा कि निर्धारित प्राधिकारी ने संतुष्टि के बाद 28 अक्टूबर को नियमानुसार आदेश दिया। हालांकि, तारीखें खाली होने से इन्कार नहीं किया। कोर्ट ने इसे कार्रवाई की प्रामाणिकता पर गंभीर संदेह का आधार माना।

कोर्ट ने कुछ दस्तावेजों की टाइप प्रतियां देने से छूट की अर्जी खारिज कर याचिकाकर्ता को स्पष्ट प्रतियां दाखिल करने के लिए 10 कार्यदिवस दिए। निजी प्रतिवादियों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया पूरी करने का भी निर्देश दिया।

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।