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कुचिपुड़ी की ‘शिवशक्ति समर्पण’ शिव के तांडव और पार्वती के लास्य, बिलासपुर की शास्त्रीय साधना का रायगढ़ में परचम

रायगढ़ में आयोजित 41वें चक्रधर समारोह के पांचवें दिन बिलासपुर की प्रसिद्ध संस्था साईं नृत्यनिलयम ने दर्शकों का दिल जीत लिया। गुरु श्वेता नायक और उनकी ...और पढ़ें

By Dhirendra Kumar SinhaEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Sun, 20 Sep 2026 05:14:34 PM (IST)Updated Date: Sun, 20 Sep 2026 05:14:34 PM (IST)
कुचिपुड़ी की ‘शिवशक्ति समर्पण’ शिव के तांडव और पार्वती के लास्य, बिलासपुर की शास्त्रीय साधना का रायगढ़ में परचम
शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति देते कलाकार

HighLights

  1. 41वें चक्रधर समारोह में बिलासपुर की कुचिपुड़ी नृत्य प्रस्तुति।
  2. गुरु श्वेता नायक और शिष्यों ने प्रस्तुत किया 'शिवशक्ति समर्पण'।
  3. शिव के तांडव और पार्वती के लास्य ने मन मोहा।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायगढ़ की पावन धरती पर सजे 41वें चक्रधर समारोह में बिलासपुर की शास्त्रीय नृत्य परंपरा ने अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी। समारोह के पांचवें दिन गुरु श्वेता नायक और उनकी शिष्यों ने कुचिपुड़ी शैली में ‘शिवशक्ति समर्पण’ प्रस्तुत किया। शिव के तांडव और पार्वती के लास्य के संगम ने दर्शकों को भक्ति, सौंदर्य और लय से जोड़ा।

चार दशक से आयोजित हो रहे चक्रधर समारोह का इस वर्ष 41वां उत्सव 14 सितंबर से प्रारंभ हुआ है। पांचवें दिवस बिलासपुर की प्रसिद्ध साईं नृत्यनिलयम की प्रस्तुति विशेष आकर्षण बनी। ‘शिवशक्ति समर्पण’ में भगवान शिव के तांडव की ऊर्जा और माता पार्वती के लास्य की कोमलता को कुचिपुड़ी की भाव-भंगिमाओं के माध्यम से प्रभावी ढंग से सामने रखा गया।


प्रस्तुति में भक्ति, शक्ति, सौंदर्य और लय का मनोहारी समावेश देखने को मिला। इसकी परिकल्पना, निर्देशन और प्रस्तुति गुरु श्वेता नायक ने की। वे साई नृत्य निलयम्, बिलासपुर की संस्थापक एवं अध्यक्ष हैं और शास्त्रीय नृत्य के संरक्षण एवं प्रसार के लिए निरंतर कार्यरत हैं।

मंच पर गुरु श्वेता नायक के साथ डी. धारणी, श्रीदिप्ता पाल, चेतन्या साहू, मेघा सारथी, ऐश्वर्या, श्वेता सालिनी नायक, एन. स्तुति रेड्डी, एन. दिव्यांका और हर्षिता कैवर्त ने प्रस्तुति दी। कलाकारों के सामूहिक तालमेल, भावाभिव्यक्ति और नृत्य संरचना ने बिलासपुर की सांस्कृतिक प्रतिभा को रायगढ़ के प्रतिष्ठित मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

बिलासपुर की शास्त्रीय साधना का विस्तार

साई नृत्य निलयम्, बिलासपुर केवल मंचीय प्रस्तुतियों तक सीमित संस्था नहीं है। गुरु श्वेता नायक के नेतृत्व में संस्था शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। प्रशिक्षण और नियमित अभ्यास के जरिए विद्यार्थियों में भारतीय नृत्य शैलियों के प्रति रुचि विकसित की जा रही है। चक्रधर समारोह जैसे प्रतिष्ठित आयोजन में शिष्यों की सहभागिता इसी सांस्कृतिक साधना के व्यापक विस्तार को रेखांकित करती है।

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