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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वकीलों के कर्मचारियों को लाकडाउन में दी जाए छूट

बिलासपुर। हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं के लिपिकों ने मुख्य न्यायाधीश से लाकडाउन के दौरान कार्य करने में छूट देने की मांग की है। उनका कहना है कि लाकडाउन के ...और पढ़ें

By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Wed, 12 May 2021 10:05:34 PM (IST)Updated Date: Wed, 12 May 2021 10:07:58 PM (IST)
वकीलों के कर्मचारियों को लाकडाउन में दी जाए छूट

बिलासपुर। हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं के लिपिकों ने मुख्य न्यायाधीश से लाकडाउन के दौरान कार्य करने में छूट देने की मांग की है। उनका कहना है कि लाकडाउन के चलते उनका व्यवसाय ठप पड़ गया है और आर्थिक समस्या उत्पन्न हो रही है।

अधिवक्ताओं के लिपिकों के साथ ही हाई कोर्ट परिसर में काम करने वाले वकीलों के अस्थाई कर्मचारियों सहित अन्य व्यवसाय करने वालों ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि उनका व्यवसाय व रोजी-रोटी वकीलों के द्वारा दिए गए काम से ही चलता है। बीते 14 अप्रैल से लाकडाउन के चलते उनका व्यवसाय बंद हो गया है। कोरोना काल में उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित हो गई है। उन्होंने कहा है कि वकीलों के लिपिक वर्ग के साथ ही अन्य कर्मचारी भी न्यायालय के न्यायिक कार्यों के अंग के रूप में हैं। न्यायालयीन काम के लिए उनके पास और कोई अतिरिक्त काम नहीं है, जिससे उनकी रोजी-रोटी की समस्या दूर हो सके। लेकिन न्यायालयीन कार्य बंद होने के कारण अधिवक्ताओं के लिपिक सहित अन्य कर्मचारियों के लिए कोई काम नहीं है। इसके अभाव में उनके जीवन यापन करने का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने अपने हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्य न्यायाधीश को लाकडाउन में अपने व्यवसाय के लिए उचित व्यवस्था करने की मांग की है।


नियमों के तहत दी जा सकती है अनुमति

वकीलों के कर्मचारियों ने कहा है कि उन्हें महज 10 से 15 हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक भुगतान किया जाता है। इसी से उनका परिवार चलता है। मकान किराए से लेकर भरण पोषण व चिकित्सा व्यवस्था उनके पारिश्रमिक पर निर्भर है। वर्तमान में हाई कोर्ट में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सुनवाई हो रही है। इस स्थिति में उन्हें भी आजीविका चलाने के लिए कोरोना नियमों के तहत काम करने की छूट दी जा सकती है।