
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत उडांगी में अवैध शराब बनाने और बेचने पर रोक लगाने की पहल गांव के जनप्रतिनिधियों को भारी पड़ गई। ग्राम सभा में शराबबंदी का निर्णय लागू कराने और लोगों को समझाइश देने पहुंचे उपसरपंच के पति व पंचों के साथ शराब कोचियों ने मारपीट कर दी। शराब कोचियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और डंडे व हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया। शिकायत पर सीपत पुलिस ने मारपीट करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीपत क्षेत्र के ग्राम उडांगी निवासी अशोक मरावी ग्राम पंचायत के उपसरपंच प्रतिनिधि हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि आठ जुलाई को ग्राम पंचायत में सरपंच, पंचों और महिला स्व-सहायता समूह की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई थी।
बैठक में गांव में अवैध शराब बनाने और बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। इसके बाद ग्राम कोटवार के माध्यम से धौराकोना समेत पूरे गांव में मुनादी कर लोगों को अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से दूर रहने की चेतावनी दी गई थी। इसके दूसरे दिन नौ जुलाई की रात करीब आठ बजे अशोक मरावी अपने साथ पंच विजय पाल, रामकृष्ण यादव और संतोष कुमार गोंड के साथ रामजी किराना दुकान के पास ग्रामीणों को ग्राम सभा के फैसले की जानकारी देकर समझाइश दे रहे थे।
इसी दौरान ग्राम बसहा निवासी संतोष गेंदले, दीपक उर्फ बोनी, रामचंद गेंदले और उनके अन्य साथी मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे। उनके पास कच्ची महुआ शराब थी। जब उनसे शराब लेकर जाने और बिक्री नहीं करने की बात कही गई तो आरोपित ने साफ शब्दों में कहा कि वे शराब बेचते रहेंगे। इसके बाद उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए हमला कर दिया।
इसी दौरान संतोष गेंदले ने डंडे से अशोक मरावी पर वार किया, जबकि बीच-बचाव करने पहुंचे पंच विजय पाल के साथ भी मारपीट की गई। घटना के समय मौजूद पंच रामकृष्ण यादव और संतोष कुमार गोंड ने बीच-बचाव कर किसी तरह विवाद शांत कराया। घटना के बाद पीड़ितों ने सीपत थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव में शराबबंदी के फैसले के बाद हुई इस घटना से ग्रामीणों में नाराजगी का माहौल है।