
बिलासपुर।Lockdown In Bilaspur: कोरोना की खतरनाक होती दूसरी लहर के बीच देश और प्रदेश के साथ ही जिले में व्यापार और व्यवसाय का स्वरूप तेजी के साथ बदलने लगा है। सुबह 10 से शाम आठ बजे तक थोक मंडी व्यापार विहार में व्यवसाय होता था।
कोरोना ने वर्षों पुरानी व्यवस्था को बदल कर रख दिया है। अब अल सुबह दुकानें खुल रही है और ठीक 10 बजे बंद हो जा रही है। नई व्यवस्था में भी व्यवसाय हो रहा है और व्यापारी भी संतुष्ट हैं। सुबह के वक्त खुदरा व्यापारी भी लेनदेने के लिए पहुंच रहे हैं। नई व्यवस्था में संक्रमण का खतरा भी कम हो गया है।
संक्रमण बढ़ने के कारण कलेक्टर ने 14 अप्रैल से जिले में लाकडाउन की घोषणा की थी। लाकडाउन लगातार बढ़ते ही जा रहा है। दूसरे चरण में 21 अप्रैल के बाद संभाग की सबसे बड़ी थोक मंडी व्यापार विहार को खोलने और व्यवसाय की अनुमति दी थी। इसके लिए रात 11 बजे से सुबह चार बजे का व्यापार करने का आदेश जारी किया था।
इस दौरान खुदरा व्यापारियों को सामानों की आपूर्ति थोक व्यापारियों द्वारा गोदाम के माध्यम से की जा रही थी। व्यापारियों ने रात्रि में मंडी खोलने का विरोध भी किया था। कलेक्टर से मिलकर अपनी दिक्कतें भी बताई थी। हालांकि कलेक्टर ने कोरोना की चेन को रोकने और लोगों को जस्र्रत का सामान समय पर उपलब्ध हो इसके चलते व्यापारियों की मांग को खारिज कर दिया था।
इसका प्रभावी असर भी हुआ। रात्रि में मंडी खुलती थी और खुदरा व्यापारी खरीदारी भी करते रहे। लाकडाउन के तीसरे चरण में कलेक्टर ने व्यापार विहार थोक मंडी की व्यवस्था को बदलते हुए रात के बजाय अब सुबह चार से 10 बजे तक व्यापार करने का निर्देश जारी कर दिया है।
छह घंटे का हो रहा व्यापार
लाकडाउन के मौजूदा दौर में थोक मंडी व्यापार विहार के व्यापारी छह घंटे का व्यापार कर रहे हैं। सुबह चार से 10 बजे तक मंडी खुल रही है। इस दौरान खुदरा व्यापारियों को सामान की आपूर्ति कर रहे हैं। थोक मंडी के व्यापारियों को छह घंटे के दौरान खुदरा व्यापारियों को सामानों की आपूर्ति करना है। खुदरा व्यापारियों को माल लोडिंग अनलोडिंग के लिए अतिरिक्त समय का निर्धारण किया गया है।