छत्तीसगढ़ के मरीजों के लिए बड़ी राहत, अब संजीवनी एक्सप्रेस 108 में मिलेगा सांप काटने का इलाज
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोकने के लिए संजीवनी एक्सप्रेस 108 एम्बुलेंस में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराने का फैसला किया...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 06 Oct 2026 10:59:17 PM (IST)Updated Date: Tue, 06 Oct 2026 10:59:17 PM (IST)
HighLights
- सांप काटने पर अब अस्पताल पहुंचने का नहीं करना होगा इंतजार, एम्बुलेंस में ही मिलेगा जीवन रक्षक इंजेक्शन
- स्वास्थ्य विभाग का बड़ा कदम, 108 एम्बुलेंस में एंटी स्नेक वेनम मिलने से सर्पदंश से घटेगी मौतें
- बिलासपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में लागू होगी नई व्यवस्था, अब एम्बुलेंस के जरिए बचेगी सांप काटने से जान
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः सांप के काटने (स्नेक बाइट) की घटनाएं आम हो गई है। लगातार इसके मामले भी बढ़ते जा रहे है, कई बार दूरदराज के इलाकों से मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में लगने वाले समय और समय पर एंटी स्नेक वेनम न मिलने के कारण मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती थी। इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक बडा़ कदम उठाया है।
अब प्रदेशभर में संचालित होने वाली संजीवनी एक्सप्रेस 108 एम्बुलेंस में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। जिससे सांप काटने में होने वाली मौत के आकड़े भी कम होंगे और समय पर इलाज मिल सकेगा। इस व्यवस्था के लागू होने से अब सांप के काटने पर पीड़ित को अस्पताल पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि एम्बुलेंस के पहुंचते ही मौके पर ही उसे जीवन रक्षक इंजेक्शन मिल जाएगा।
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह सेवा ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे में मील का पत्थर साबित होगी। वैसे तो सांप काटने के सबसे ज्यादा मामले वर्षा के दिनों में होते है, लेकिन इसके बाद भी हर मौसम में भी सांप से लोगों का सामना होता है और काटने के मामले होते रहते है, अक्सर पीड़ित को अस्पताल पहुंचने में कई घंटों का समय लगता है।
इन बातों को ध्यान में रखते हुए संजीवनी एक्सप्रेस में एंटी स्नेक वेनम रखने का निर्णय लिया गया है। बाक्स क्यों उठाया गया यह कदम? स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हर साल ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश के सैकड़ों मामले सामने आते हैं। कई बार गांवों से जिला अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दूरी अधिक होने के कारण मरीज को समय पर एंटी वेनम नहीं मिल पाता। जहर पूरे शरीर में फैलने के कारण कई बहुमूल्य जानें चली जाती हैं। इसलिए समय पर आहत को एंटी स्नेक वेनम देने की व्यवस्था एंबुलेंस के माध्यम से किया जा रहा है।
ऐसे बचेगी जान
जैसे ही किसी व्यक्ति को सांप काटे, बिना समय गंवाए 108 पर काल कर सूचना दें। काल सेंटर पर तैनात कर्मी तुरंत नजदीकी एम्बुलेंस को आपके लोकेशन के लिए रवाना करेंगे। जिसमे सांप के जहर को बेअसर करने वाली एंटी स्नेक वेनमवाइल्स और अन्य जरूरी दवाएं हमेशा उपलब्ध रहेंगी। जरूरत पड़ने पर आन स्पाट ट्रीटमेंट दिया जाएगा।
जिससे जहर का असर आगे नहीं बढ़ेगा। इलाज शुरू करने के साथ ही मरीज को सुरक्षित तरीके से नजदीकी उच्च स्वास्थ्य केंद्र के लिए ले जाया जाएगा, जिससे रास्ते में मरीज की स्थिति पूरी तरह नियंत्रित रहे। बाक्स सिम्स में हर रोज आते है स्नेट बाइट के मामले सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) में वर्षा ऋतु के दिनों में रोजाना सर्पदंश के पांच से दस मामले आते है।
वही दूसरे मौसम में भी यह सिलसिला बंद नहीं होता है। ऐसे में हर एक से दो दिन में स्नेक बाइट के मामले सामने आते है। कई बार आहत की मौत हो जाती है, मौत की वजह समय पर दवा का नहीं मिलना बनता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सीएमएचओ डा़ शुभा गरेवाल के मुताबिक इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है, जल्द ही एंबुलेंस में भी एंटी स्नेक वेनम मिलने लगेगा।