
बिलासपुर। मातृवंदना सप्ताह: जिले में कुपोषण के खिलाफ जंग की शुरुआत हो गई है। साइकिल रैली के जरिए जनजागरण अभियान चलाने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग के अलावा स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, खाद्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीणा नगरीय प्रशासन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी पूरे एक महीने केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी अभियान से सीधे तौर पर जुड़े रहेंगे। चार चरणों में कुपोषण भगाने को जतन करेंगे।
जनजागरण अभियान के जरिए सभी विभाग राष्ट्रीय पोषण अभियान की सार्थकता भी सिद्ध करेंगे। प्रदेश के साथ ही जिले में राष्ट्रीय पोषण अभियान 20 सितंबर 2021 तक संचालित होगा। राष्ट्रीय पोषण माह के साथ मातृवंदना सप्ताह व कृमि मुक्ति सप्ताह का भी आयोजन किया जाएगा। जिले में स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग के साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण नगरीय प्रशासन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूरे एक महीने कोविड -19 संबधी निर्देशों का पालन करते हुए स्व सहायता समूह की महिलाओं को साथ लेकर पोषण माह के चार सप्ताहों तक अलग—अलग विषयों पर आयोजन करेंगे। प्रथम सप्ताह में पोषण वाटिका विकसित कर पौधारोपण गतिविधि पर आयोजन, द्वितीय सप्ताह में पोषण हेतु योगा एवं आयुष अंतर्गत योग सत्र का आयोजन होगा। तृतीय सप्ताह में हाईबर्डन जिलों के आंगनबाड़ी केद्रों के हितग्राहियों को पोषाण किट का वितरण औ चौथे समाह में गंभीर कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन करके उन्हें पौष्टिक आहार वितरण प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
देंगे महत्वपूर्ण जानकारी
पोषण माह के दौरान विभागीय अमला आंगनबाड़ी कार्याकर्ताओं द्वारा गृहणियों विशेषकर गर्भवती महिलाओं को पूरक पोषण आहार वितरण के साथ ही पोषण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी ग्रामीणों व महिलाओं को दिया जाएगा। एनीमिया व डायरिया से बचाव संबंधी पौष्टिक भोजन व साफ सफाई के महत्व को लेकर जागरूक किया जाएगा। सुपोषित भारत की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से विभिन्न निकायों, संस्थाओं के सहयोग से इसे वृहद रूप में पहुंचाने की योजना है।