• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

निर्वस्त्र कर थाने में मां-बेटी की पिटाई, कोर्ट ने आईजी को दिए जांच के निर्देश

इसी प्रकार पुत्री मोना मिश्रा ने भी मारपीट की और खरीदे गया सामान व मोबाइल रख लिए जाने की शिकायत की है।

By Edited By:
Publish Date: Wed, 17 Oct 2018 11:30:19 AM (IST)Updated Date: Thu, 18 Oct 2018 12:49:59 PM (IST)
निर्वस्त्र कर थाने में मां-बेटी की पिटाई, कोर्ट ने आईजी को दिए जांच के निर्देश

बिलासपुर। सिटी कोतवाली थाने में पुरुष कर्मचारियों के सामने मां-बेटी को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया। घायल मां-बेटी ने मंगलवार को अपनी पीड़ा जज को बताई। न्यायालय ने आईजी को मामले की उच्च अधिकारियों से जांच करा 26 अक्टूबर को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा जेल अधीक्षक को जख्मी मां-बेटी का उपचार जेल नियम के अनुसार कराने का आदेश दिया है।

सिटी कोतवाली पुलिस ने रविवार की रात संडे बाजार से कपड़ा चोरी करने के आरोप में जमशेदपुर झारखंड निवासी सपना मिश्रा पति स्व. सुधीर मिश्रा(60) और उसकी पुत्री मोना उर्फ सोनू मिश्रा(27) को हिरासत में लिया था। दोनों को पुलिस ने 24 घंटे के अंदर धारा 379, 34 के तहत गिरफ्तार कर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ताजुद्दीन आसिफ की अदालत में पेश किया।


अदालत में मां-बेटी ने थाने में उनके साथ हुए क्रूरता की कहानी बताई और अधिवक्ता के माध्यम से लिखित में आवेदन दिया। सपना मिश्रा ने अपने आवेदन में कहा कि एक महिला पुलिसकर्मी ने दोनों का कपड़ा उतरवा कर पुरुष कर्मचारियों के सामने ही क्रूरतापूर्वक पिटाई की और अपराध कबूल करने का दबाव बनाया। उसने बीपी की समस्या होने की बात कह डॉक्टर के पास ले जाने का निवेदन किया, लेकिन पुलिस ने उसकी बात नहीं सुनी।

उनके नाजुक अंग में भी प्रहार किया गया। न्यायालय ने पाया कि दोनों के शरीर में चोट लगी है और वे चलने में असमर्थ हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने आइजी को आरोपितों का चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रेषित करते हुए किसी राजपत्रित अधिकारी से जांच करा 26 अक्टूबर 2018 को प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा जेल अधीक्षक बिलासपुर को मां-बेटी की जेल नियम के अनुसार उचित उपचार करने के निर्देश दिए हैं। इसी प्रकार पुत्री मोना मिश्रा ने भी मारपीट और खरीदे गया सामान व मोबाइल रख लिए जाने की शिकायत की है।