बिलासपुर। कोरोना का प्रभाव फिर से ट्रेनों की पेंट्रीकार सुविधा पर पड़ने लगी है। इसके टेंडर के लिए कोई भी सामने नहीं आ रहा है। इसके कारण ही सोमवार से गोंदिया-रायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस में पेंट्रीकार की व्यवस्था बंद हो गई। हालांकि आइआरसीटीसी दोबारा टेंडर के लिए प्रक्रिया कर रही है। तब तक यह ट्रेन बिना पेंट्रीकार सुविधा के चलेगी।

कम दूरी की ट्रेन होने के कारण इसमें मिनी पेंट्रीकार सुविधा है। इसके तहत ट्रेन में अलग से पेंट्रीकार कोच नहीं होता। ठेकेदार के कर्मचारी ही खानपान की चीजें बेचते हैं। हालांकि यूनिफार्म, दस्तना व आइकाड आदि नियमों का पालन करना पड़ता है। ताकि यात्री को लगा कि बिक्री करने का अधिकृत वेंडर है। इस व्यवस्था से बाहरी वेंडर ट्रेन में चढ़ने से कतराते हैं। कोरोना संक्रमण काल में आइआरसीटीसी इस सुविधा का टेंडर सीमित समय के लिए कर रही है। अभी जिसे टेंडर मिला था, उसे भी तीन से चार महीने के लिए दिया गया था।

जैसे ही अवधि समाप्त होने का समय आया। आइआरसीटीसी ने तत्काल टेंडर जारी कर दिया। लेकिन किसी भी ठेकेदार टेंडर आवेदन नहीं दिया। दरअसल कोरोना की वजह से ट्रेनों में पहले जैसी भीड़ नहीं है। इस स्थिति में टेंडर लेना ठेकेदार नुकसान समझ रहे हैं। यही वजह है कि टेंडर नहीं होने के कारण इस ट्रेन में पेंट्रीकार का नया ठेका नहीं हो सका। रविवार तक पुराने ठेकेदार ने खानपान की सुविधा दी। पर अब वह भी इसके लिए अधिकृत नहीं है। लिहाजा ट्रेन बिना पेंट्रीकार सुविधा के लिए चली। अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति रहेगी, क्योंकि दोबारा टेंडर जारी करने में समय लगेगा। इसमें भी कोई सामने आएगा इसकी गारंटी नहीं है।

अवैध वेंडरों की चांदी

वैध वेंडिंग बंद होने से सोमवार को इस ट्रेन में अवैध वेंडर नजर आए। अनाधिकृत तौर पर खाने- पीने की चीजें बेचते रहे हैं। पर किसी ने जांच की और कार्रवाई हो सकी। अगले कुछ दिनों से अवैध वेंडरों का इसी तरह घुसपैठ रहेगी।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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