
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: हाई कोर्ट ने बिलासपुर नगर निगम के कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी को देय ग्रेच्युटी की राशि का भुगतान नहीं किए जाने के मामले में निगम को 10 दिन के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया है। जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने सोमवार को याचिका का निराकरण करते हुए यह आदेश पारित किया।
मामला सकरी तहसील के ग्राम सैदा निवासी सीताबाई भास्कर का है। उन्होंने अपने पति स्वर्गीय गोकुल भास्कर की मृत्यु के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी की राशि के भुगतान के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संदीप के. शर्मा ने कोर्ट को बताया कि नगर निगम आयुक्त ने 23 जून 2026 को जारी आदेश में यह स्वीकार किया है कि याचिकाकर्ता ग्रेच्युटी की राशि पाने की हकदार हैं। इसके बावजूद अब तक उन्हें ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया है। सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से उपस्थित अधिवक्ता रविकुमार भगत ने निर्देश के आधार पर कोर्ट को आश्वस्त किया कि याचिकाकर्ता को देय ग्रेच्युटी की राशि 10 दिनों के भीतर जारी कर दी जाएगी।
यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का फैसला: भू-विस्थापितों को बड़ी राहत, अधिग्रहण के समय लागू नीति से ही मिलेगा SECL में रोजगार
निगम की ओर से दिए गए इस आश्वासन को देखते हुए हाई कोर्ट ने याचिका का निराकरण कर दिया। कोर्ट ने नगर निगम आयुक्त, बिलासपुर को निर्देश दिया कि आदेश की प्रति प्राप्त होने की तारीख से 10 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता को देय पूरी ग्रेच्युटी राशि का भुगतान किया जाए।