
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। जिला शिक्षा अधिकारी की पोस्टिंग पर हाई कोर्ट की रोक के दूसरे दिन शहर के बीच स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (सेजेस मल्टीपरपस), दयालबंद में शनिवार को शिक्षकों की बड़ी लापरवाही सामने आई । शनिवार को स्कूल की निर्धारित छुट्टी शाम पांच बजे की बजाय एक घंटा पहले चार बजे ही कर दी गई। इतना ही नहीं, स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को इसकी कोई पूर्व सूचना भी नहीं दी और शिक्षक-कर्मचारी स्कूल में ताला लगाकर चले गए। नतीजतन कई छात्र-छात्राएं स्कूल के बाहर करीब एक घंटे तक अपने परिजनों का इंतजार करते रहे।
दयालबंद स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 8 जुलाई से सुबह की पाली में पूरक परीक्षाएं चल रही हैं। इसके कारण कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की नियमित कक्षाएं दोपहर 12.45 बजे से शाम पांच बजे तक संचालित की जा रही हैं। शनिवार को इस निर्धारित समय का पालन नहीं किया गया और स्कूल में चार बजे ही छुट्टी कर दी गई।
स्कूल प्रबंधन की सबसे बड़ी चूक यह रही कि छुट्टी का समय बदलने की सूचना अभिभावकों तक नहीं पहुंचाई गई। जबकि सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं और ऐसे मामलों में पूर्व सूचना देना अनिवार्य माना जाता है। शाम चार बजे छुट्टी के बाद शिक्षक और कर्मचारी स्कूल में ताला लगाकर चले गए। कई बच्चे स्कूल के बाहर अपने अभिभावकों का इंतजार करते रहे। जब परिजन रोजाना की तरह शाम पांच बजे स्कूल पहुंचे, तब उन्हें समय से पहले छुट्टी किए जाने की जानकारी मिली।
इस घटना ने विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था और स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बच्चों को असुरक्षित स्थिति में छोड़कर शिक्षक-कर्मचारियों का चले जाना नियमों के विपरीत माना जा रहा है।
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नियम क्या कहते हैं
स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार छुट्टी के बाद प्रत्येक कक्षा और कमरे की जांच करना अनिवार्य है, ताकि कोई बच्चा परिसर में न छूट जाए। साथ ही सभी विद्यार्थियों के सुरक्षित रूप से घर जाने या अभिभावकों के साथ रवाना होने तक शिक्षक-कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जानी चाहिए। सभी बच्चों के जाने के बाद ही स्कूल बंद करने का प्रावधान है।
शिक्षा मंत्री के फरमान की भी अनदेखी
हाल ही में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक में सभी सरकारी स्कूलों को निर्धारित समय पर संचालित करने और तय समय पर ही छुट्टी देने के निर्देश दिए थे। इसकी जिम्मेदारी संयुक्त संचालक शिक्षा, जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य और प्रधानपाठकों को सौंपी गई थी। दयालबंद स्कूल की मंत्री के फरमान की ही धज्जियां उड़ा दी।
प्राचार्य बोलीं- शिक्षकों की कमी बताकर मांगी गई थी अनुमति
पूरक परीक्षाओं के कारण उन्हें सुबह आठ बजे से स्कूल में रहना पड़ रहा है और शाम तक रुकना संभव नहीं था। व्याख्याता पी.के. सोनार ने शिक्षकों की कम उपलब्धता का हवाला देकर शाम चार बजे छुट्टी देने की अनुमति मांगी थी, जिसे दे दिया गया। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि अभिभावकों को पहले से सूचना दी जानी चाहिए थी। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो इसकी जानकारी ली जाएगी।
- चंदना पाल, प्राचार्य सेजेस मल्टीपरपस दयालबंद
प्राचार्य को जारी होगा शोकाज नोटिस
स्कूलों के निर्धारित समय पर संचालन और छुट्टी के स्पष्ट नियम हैं। यदि किसी कारणवश समय से पहले छुट्टी दी जाती है तो अभिभावकों को व्हाट्सएप ग्रुप या अन्य माध्यम से पहले सूचना देना आवश्यक है। मामले में प्राचार्य को शोकाज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
अश्वनी भारद्वाज, संयुक्त संचालक शिक्षा