Bilaspur Railway News: यात्री सजग, मिल रही 'रेल मदद' वित्तीय वर्ष में एक से 36000 प्रकरण निराकृत
Bilaspur Railway News: रेल मदद में फोटोग्राफ भेजने की सुविधा है जिससे कि शिकायत की वास्तविक स्थिति का आंकलन जल्द हो जाता है। एप शिकायतों की जानकारी को दर्ज कर शिकायत संख्या जारी करता है। रेल मदद एप शिकायत की जानकारी को डिवीजन के फील्ड अधिकारियों को उपलब्ध कराता है।
By Manoj Kumar Tiwari
Edited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Mon, 16 Oct 2023 10:09:40 AM (IST)
Updated Date: Mon, 16 Oct 2023 10:09:40 AM (IST)

Bilaspur Railway News: ट्रेनों में सुरक्षा और संरक्षा को लेकर यात्री भी अब सजग हो चुके हैं। इसका ताजा उदाहरण है रेल मदद एप सेवा। वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान 36000 प्रकरण निराकृत किए गए। समस्याओं व शिकायतों को सुलझाने में रेलवे ने बड़ी भूमिका अदा की है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान एक अप्रैल से 14 अक्टूबर तक रेल मदद एप पर प्राप्त रेल यात्रियों के लगभग 36000 समस्याओं/ शिकायतों का शत-प्रतिशत त्वरित समाधान निदान किया किया गया। डिजीटल पहल के अनुरूप भारतीय रेलवे ने शिकायत प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल करते हुए रेल यात्रियों की शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया को सुधारने एवं तेज करने के लिए रेलवे के द्वारा रेल मदद नाम से एक एप जारी किया है।
रेल मदद एप यात्रियों की शिकायतों को दर्ज कर शिकायतों के निवारण की स्थिति के बारे में उन्हें लगातार जानकारी मुहैया कराता है। यात्री को इस एप पर रजिस्टेशन के बाद एसएमएस के जरिए शिकायत संख्या तुरंत उपलब्ध कराकर रेलवे द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी भी एसएमएस द्वारा दी जाती है। बता दें कि पूर्व में रेलवे के द्वारा जितने भी हेल्पलाइन नंबर इस्तेमाल में थे उन सभी को ‘रेल मदद’ एप में समाहित की गया है। हेल्पलाइन नंबर 139 पर भी काल करने से ‘रेल मदद’द्वारा यात्रियों की समस्याओं का निराकरण किए जा रहे हैं।
एप्लीकेशन की मुख्य विशेषताएं
रेल मदद में फोटोग्राफ भेजने की सुविधा है जिससे कि शिकायत की वास्तविक स्थिति का आंकलन जल्द हो जाता है। एप शिकायतों की जानकारी को दर्ज कर शिकायत संख्या जारी करता है। रेल मदद एप शिकायत की जानकारी को डिवीजन के फील्ड अधिकारियों को उपलब्ध कराता है। शिकायत के समाधान के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी एमएसएस के माध्यम से शिकायतकर्ता को पहुंचाता है। विभिन्न सुरक्षा एवं सहायता सेवाओं (जैसे, सुरक्षा, बाल सहायता सेवा इत्यादि) के नंबर बताता है। बड़ी संख्या में यात्री इस एप का इस्तेमाल अब करने लगे हैं।