कार्यकाल पूरा होने पर तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति के खिलाफ याचिका खारिज, हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला
छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एमके वर्मा के खिलाफ दायर याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की, अगस्त 2025 में कार्यकाल पूरा होने से मामला अकादमिक हो गया।
Publish Date: Fri, 06 Nov 2026 09:06:02 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Nov 2026 09:06:02 PM (IST)
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- पूर्व कुलपति के खिलाफ याचिका खारिज।
- कार्यकाल पूरा होने से विवाद अकादमिक।
- नए कुलपति ने संभाला पदभार।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई के तत्कालीन कुलपति डा. एमके वर्मा के खिलाफ शिकायतों की जांच और कार्रवाई की मांग वाली याचिका हाई कोर्ट ने खारिज कर दी। न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ ने दुर्ग निवासी ओमप्रकाश मिश्रा की याचिका पर यह आदेश दिया।
कोर्ट ने कहा कि याचिका लंबित रहने के दौरान वर्मा का कार्यकाल अगस्त 2025 में पूरा हो गया और नए कुलपति ने पदभार संभाल लिया। ऐसे में पूर्व कुलपति के कथित आचरण से जुड़ा विवाद काफी हद तक अकादमिक हो गया है और अब प्रभावी राहत नहीं दी जा सकती।
याचिकाकर्ता ने 15 नवंबर 2021 को वर्मा के खिलाफ शिकायतें और अभ्यावेदन दिए थे। उनका आरोप था कि कुलपति का कामकाज विश्वविद्यालय के हितों के प्रतिकूल है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि शिकायतें राज्यपाल के सचिवालय के माध्यम से तकनीकी शिक्षा विभाग को भेजी गई थीं और विभाग को जांच कर निष्कर्ष याचिकाकर्ता तथा कुलाधिपति कार्यालय को देने थे।
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उनका कहना था कि जांच पूरी नहीं हुई। इसके बजाय रजिस्ट्रार ने 14 जून 2024 और 8 जुलाई 2024 को पत्र भेजकर उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया। याचिकाकर्ता ने रजिस्ट्रार के कुलपति के अधीनस्थ होने के कारण इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।
कार्यकाल पूरा, राहत का औचित्य नहीं
याचिका में विभाग को एक महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने और कुलाधिपति से रिपोर्ट मिलने के एक महीने में निर्णय लेने का निर्देश देने की मांग की गई थी। राज्य की ओर से उप महाधिवक्ता अविनाश चंद्र साहू ने बताया कि वर्मा का कार्यकाल पूरा हो चुका है। कोर्ट ने मौजूदा परिस्थितियों में याचिका खारिज कर दी।