
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। आज आबादी का बड़ा हिस्सा स्वच्छ और सुरक्षित पानी, शौचालय, शुद्ध हवा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से भी वंचित है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। इसके लिए फलदार पौधे लगाना एक प्रभावी उपाय है।
पर्यावरण प्रेमी और अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी के मुताबिक आने वाली पीढ़ियों के बेहतर स्वास्थ्य और अच्छी जीवनशैली के लिए स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए हमें उन्हें विरासत में इसकी शिक्षा और साथ में अपनी तरफ से पेड़ लगाकर देने का काम करना होगा।
वृक्षों की अहमियत को हम सभी समझते हैं। मई-जून की तेज गर्मी में हमारे जल स्रोत सूख जाते हैं, जिससे पेड़ों की आवश्यकता और बढ़ जाती है। इस वर्षा ऋतु में सभी को अपने घर और आसपास खाली पड़ी जमीन पर कम से कम पांच पौधे लगाने का संकल्प लेना चाहिए। इनमें विशेष तौर पर अमरूद, आंवला, पपीता, आम व जामुन के पौधे लगाएं। इसके अलावा नीम, पीपल, बरगद और अन्य पौधे भी लगाने चाहिए।
इन पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी लेनी होगी होगी ताकि वे सही तरीके से बढ़ सकें और पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें। यह एक छोटी सी पहल हो सकती है, लेकिन इसके दीर्घकालिक लाभ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी का संयुक्त उत्तरदायित्व है और फलदार पौधे लगाना इस दिशा में एक प्रभावी कदम है।
पर्यावरण को होने वाले लाभ
फलदार पौधे लगाने से पर्यावरण को कई लाभ होते हैं। सबसे पहले ये पौधे वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करते हैं। ये पेड़ कार्बन डाइआक्साइड को अवशोषित करते हैं और आक्सीजन छोड़ते हैं, जिससे हवा शुद्ध होती है। इसके अलावा, ये पेड़ मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं और जलवायु संतुलन को बनाए रखने में सहायता करते हैं।
इन गुणों को भी जानें
नीम का पेड़ औषधीय गुणों से भरपूर होता है और इसे प्राकृतिक एंटीसेप्टिक माना जाता है। आंवले का पेड़ विटामिन सी से भरपूर फल देता है जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। पीपल का पेड़ धार्मिक और औषधीय दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। बरगद का पेड़ विशाल आकार और लंबे जीवनकाल के लिए प्रसिद्ध है और यह बड़े पैमाने पर छाया प्रदान करता है।
हर व्यक्ति का कर्तव्य है
हर व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह पर्यावरण संरक्षण के लिए योगदान दे। पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की देखभाल भी महत्वपूर्ण है। जब हम पौधे लगाते हैं और उनकी देखभाल करते हैं, तो हम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण की नींव रखते हैं। यह कार्य न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद करता है बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य और समृद्धि को भी बढ़ावा देता है। इस वर्षा ऋतु में हम सभी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति संकल्पित होकर फलदार पौधे लगाने चाहिए।