
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए बिलासपुर पुलिस ने ऑटो पंजीयन अभियान में सफलता हासिल की है।

पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत महज छह दिनों में आठ हजार ऑटो, चालकों और वाहन मालिकों का पंजीयन पूरा किया जा चुका है। अभियान का उद्देश्य ऑटो से यात्रा करने वाले नागरिकों को चालक की प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।

पंजीयन पूरा होने के बाद संबंधित ऑटो में यातायात पुलिस के सूचनात्मक स्टीकर लगाए गए हैं। आगामी चरण में जिले में संचालित सभी ऑटो में यूनिक आईडी और क्यूआर कोड लगाने की योजना है। यात्री कोड स्कैन कर चालक और वाहन मालिक की विस्तृत जानकारी ले सकेंगे। इस जानकारी को परिजनों के साथ साझा करने की सुविधा भी मिलेगी, जिससे यात्रा के दौरान परिवार के सदस्य संबंधित ऑटो की जानकारी रख सकेंगे।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए यातायात पुलिस और विभिन्न थाना क्षेत्रों की टीमों ने चौक-चौराहों पर विशेष प्रयास किए। स्मार्टफोन चलाने और ऑनलाइन पंजीयन में असमर्थ ऑटो चालकों की भी पुलिस बल ने सहायता की। इस कार्य में गणमान्य नागरिकों, युवा एवं नागरिक संगठनों, छात्र-छात्राओं, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों का सहयोग मिला। पुलिस के अनुसार पंजीयन प्रक्रिया लगातार जारी है। नागरिकों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले ऑटो का क्यूआर कोड स्कैन कर अधिकृत जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
ऑटो में सफर करने वाली महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुरक्षा अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। चालक की पहचान उपलब्ध होने से यात्रा के दौरान किसी भी संदिग्ध स्थिति में संबंधित वाहन की जानकारी जुटाने में आसानी होगी। खासकर अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं और रात के समय सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है। इससे सार्वजनिक परिवहन में जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी।
जिले में शासन की योजना के तहत बड़ी संख्या में महिला ऑटो चालक भी परिवहन सेवा दे रही हैं। वे शहर से लेकर दूरस्थ क्षेत्रों तक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं। ऐसे में पंजीयन और पहचान की व्यवस्था महिला चालकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। विवाद, संदेह या असुविधा की स्थिति में वाहन की पहचान स्पष्ट रहने से पुलिस से सहायता लेने में सुविधा होगी। इससे यात्रियों और चालकों, दोनों के हित सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
पंजीयन अभियान की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए जिले में स्थापित 23 पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इनके माध्यम से नागरिकों और ऑटो चालकों को लगातार सूचना दी जा रही है। पुलिस का लक्ष्य जिले में संचालित शत-प्रतिशत ऑटो का पंजीयन सुनिश्चित करना है। इसके लिए नियमित रूप से अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कोई भी वाहन निर्धारित प्रक्रिया से बाहर न रहे और अधिकाधिक चालक इस व्यवस्था से जुड़ सकें।
क्यूआर कोड आधारित पहचान व्यवस्था केवल यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि ऑटो चालकों के लिए भी उपयोगी होगी। यात्रा के दौरान विवाद, गलतफहमी या किसी अन्य असुविधा की स्थिति में वाहन और चालक का विवरण उपलब्ध रहने से पुलिस को आवश्यक जानकारी जुटाने में सहायता मिल सकती है। इससे शिकायतों के निराकरण और संबंधित पक्षों की पहचान में सहूलियत होगी। व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों और ऑटो चालकों के बीच विश्वास बढ़ाना तथा सार्वजनिक परिवहन को अधिक जवाबदेह बनाना है।