बिलासपुर। Protest Against Steel Plant in Jashpur: जशपुर जिले के कांसाबेल क्षेत्र के टांगरगांव में स्टील प्लांट लगाने का विरोध शुरू हो गया है। इस मामले में हाई कोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई है। मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य शासन, कलेक्टर सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जशपुर के कांसाबेल टांगरगांव में स्थापित किये जाने वाले स्टील कारखाने के विरुद्ध हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने प्रतिवादियों को जवाब प्रस्तुत करने कहा है।
कांसाबेल क्षेत्र के टांगरगांव में स्टील कारखाना लगाया जा रहा है। इसके विरोध में ग्रामीण लामबंद होने लगे है। लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद भी स्टील प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। जनजातीय सुरक्षा मंच ने अपने अधिवक्ता दिलमन मिंज व जीएल उइके के माध्यम से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें बताया गया है कि स्टील प्लांट के विरोध में स्थानीय लोगों ने कलेक्टर सहित पर्यावरण विभाग से शिकायत की थी और इस पर रोक लगाने की मांग की थी।
लेकिन उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करते हुए पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा चार अगस्त को जनसुनवाई की तिथि तय कर दी गई है। याचिका में स्टील उद्योग की स्थापना की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही बताया है कि इस प्रोजेक्ट की स्वीकृति, अनापत्ति व दावा आपत्ति का पालन नहीं किया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि गलत जानकारी देकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रक्रिया अपनाई गई है।
याचिका में यह भी बताया गया है कि यह इलाका हाथी कारिडोर, हाथी विचरण क्षेत्र, औषधीय पौधे, वन परिक्षेत्र के साथ ही वन्यजीवों की आवाजा रहती है। इस स्थिति में यहां स्टील उद्योग की स्थापना नहीं की जा सकती। यहां स्टील प्लांट लगाने का खामियाजा स्थानीय व क्षेत्र के ग्रामीणों को भुगतना पड़ेगा। मंगलवार को हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की युगलपीठ में इस मामले की सुनवाई हुई। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य शासन, कलेक्टर सहित सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।