नीम-हकीमों की अब खैर नहीं, बिलासपुर के कोटा में सक्रिय 550 से अधिक झोलाछाप डॉक्टर
कोटा क्षेत्र के झोलाछाप डॉक्टरों पर कसेगा शिकंजा: अवैध क्लीनिक होंगे सील; बिलासपुर CMHO डॉ. शुभा गरेवाल ने BMO को दिए कड़े निर्देश
Publish Date: Fri, 21 Aug 2026 12:56:04 PM (IST)Updated Date: Fri, 21 Aug 2026 12:56:04 PM (IST)
HighLights
- कोटा में झोलाछाप डॉक्टरों के अवैध क्लीनिक होंगे सील।
- बिलासपुर CMHO ने कोटा BMO को दिए कड़ी कार्रवाई के आदेश।
- बिना टेस्ट मलेरिया का इलाज कर मरीजों की जान से खिलवाड़।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः अंचल में झोलाछाप डाक्टरों की मनमानी और अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने अब आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डा़ शुभा गरेवाल ने कोटा ब्लाक मेडिकल आफिसर (बीएमओ) को आधिकारिक पत्र जारी कर क्षेत्र में सक्रिय झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
विभाग के इस कड़े रुख के बाद अब आने वाले दिनों में अवैध रूप से क्लीनिक चलाने वालों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। ग्रामीण अंचलों में बिना किसी वैध डिग्री और अनुभव के झोलाछाप डाक्टरों द्वारा मरीजों की जिंदगी से लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है, जिस पर अब विराम लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मालूम हो कि जिले में साढ़े पांच से ज्यादा झोलाछाप सक्रिय है, जो इलाज के नाम पर ग्रामीणों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे है साथ ही लगातार इनकी संख्या बढ़ते ही जा रही है।
मलेरिया मरीजों का भी कर रहे इलाज
कोटा क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डाक्टरों ने बिना किसी चिकित्सीय पात्रता के अपने अवैध अड्डे बना रखे हैं। स्थिति यह है कि ये लोग गंभीर बीमारियों से अनजान होने के बावजूद मलेरिया जैसे खतरनाक और संवेदनशील मामलों का भी धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं। बिना लैब टेस्ट और पुख्ता डायग्नोसिस के गलत दवाइयां और इंजेक्शन देने से मरीजों की तबीयत सुधरने के बजाय और अधिक बिगड़ जाती है, जिससे कई बार जान पर भी बन आती है।
इलाज के नाम पर ग्रामीणों के जीवन से कर रहे खिलवाड़
स्वास्थ्य विभाग के पास लगातार शिकायतें पहुंच रही थीं कि ग्रामीण क्षेत्रों के सीधे-साधे और भोले-भाले लोग इन झोलाछाप डाक्टरों के जाल में आसानी से फंस जाते हैं। ये झोलाछाप अपनी झोपड़ियों और छोटी दुकानों में अवैध क्लीनिक खोलकर मरीजों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ कर रहे हैं।
झोलाछाप न केवल गलत इलाज कर रहे हैं, बल्कि भारी-भरकम फीस वसूलकर मरीजों की जेब पर भी डाका डाल रहे हैं। सीएमएचओ डा़ शुभा गरेवाल के निर्देश के बाद अब ऐसे नीम-हकीमों की खैर नहीं होगी और उनके अवैध क्लीनिकों को सील करने की कार्रवाई जल्द ही शुरू की जाएगी।