
नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर: शहर के सरकंडा क्षेत्र में प्रशासनिक लापरवाही और कागजी आदेशों की हकीकत शुक्रवार को उस वक्त हवा हवाई हो गई जब एक पागल श्वान (कुतिया) ने प्रार्थना के बाद लौट रहे पहली कक्षा छात्र पर हमला कर दिया। पीएम श्री स्कूल खमतराई में घटी रही इस घटना को जब स्कूल की शिक्षिकाओं ने देखा तो वे छात्र की मदद करने दौडी व पागल कुतिया को भगाने का प्रयास करने लगी तो पागल श्वान ने दोनों शिक्षकाओं पर ही हमला कर दिया।
मौके पर मौजूद स्टाफ ने किसी तरह से पागल श्वान को भगाया और घायल बच्चे व दोनों शिक्षिकाओं को सिम्स लेकर पहुंचे। घायलो का उपचार करने के बाद उन्हें हास्पिटल से वापस भेज दिया गया। घटना की जानकारी लगती ही जिला शिक्षा अधिकारी विजय तांडे शनिवार को सुबह बच्चे व दोनों शिक्षिकाओं से मिलने उनके घर पहुंचे।
परिवार के साथ बात कर उन्हें बताया कि अब ऐसी घटना न हो इसके लिए स्कूल में और अधिक कड़ाई से नियमों का पालन कराया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि घटना के विषय में जानकारी लेने पर पता चला कि पागल श्वान ने पहले भी आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों को काट चुकी हैं।
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आवारा कुत्तों के लगातार हमले को देखते हुए कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को एक सख्त निर्देश जारी किया था। इस आदेश के तहत स्कूल परिसर के भीतर आवारा कुत्तों के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित करने और उन्हें भगाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। शुक्रवार को हुई की घटना ने डीईओ के दावो की पोल खोल दी।
हमने पहले ही सभी स्कूलों को परिसर से आवारा कुत्तों को दूर रखने के निर्देश दिए थे। खमतराई की घटना बेहद गंभीर है, इसमें कहीं न कहीं चूक हुई है। घायलों का हाल जानने मैं स्वयं गया था। अब नगर निगम जोन कमिश्नर से संपर्क कर विशेष अभियान चलाने को कहा गया है ताकि भविष्य में कोई भी पागल जानवर स्कूल परिसर के पास न दिखे।
-विजय तांडे, जिला शिक्षा अधिकारी, बिलासपुर