बिलासपुर । स्क्रैप (कबाड़) निपटान की दिशा में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस वर्ष सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए रेलवे बोर्ड के द्वारा जोन को 210 करोड़ रुपे के स्क्रैप बिक्री का लक्ष्य दिया गया है। अप्रैल 2021 से लेकर जनवरी 2022 तक रेलवे द्वारा 200 करोड़ रुपए का स्क्रैप बेचा गया है, जो कि पिछले वित्तीय वर्ष के कुल 180 करोड़ स्क्रैप बिक्री से 20 करोड़ अधिक है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा स्क्रैप बिक्री में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि रेलवे बोर्ड द्वारा स्क्रैप बिक्री के लिए दिए गए लक्ष्य को भी जल्द हासिल कर लेगी।

भारतीय रेलवे जैसे बड़े संगठन में मशीनों के कलपुर्जे एवं अन्य कई प्रकार की सामग्री बड़ी मात्रा में जमा होती है, जो कि अन्य जगहों के लिए उपयोगी रहती है। ऐसी सामग्रियों को "स्क्रैप" के रूप में घोषित किया जाता है। स्क्रैप का निपटान किसी भी संगठन में सामग्री प्रबंधन के महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है। परंपरागत रूप से या बोली लगाने के लिए खरीदारों की भौतिक उपस्थिति में सार्वजनिक नीलामी के माध्यम से स्क्रैप निपटान किया जा रहा था।

वर्तमान में प्रौोगिकी के आगमन के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में भी अब ई-नीलामी के माध्यम से स्क्रैप की बिक्री की जाती है। इस प्रकार की आधुनिक प्रणाली में कोई भी खरीदार देश के किसी भी कोने से शामिल हो सकता है। इन सभी आधुनिक उपायों को लागू करते के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में स्क्रैप निपटान में काफी तेजी आई है। जोन के रायपुर स्थित सामान्य भंडार डिपो (जीएसडी) के साथ ही तीनों रेल मंडलो में भी रेल स्क्रैप व पीवे मटेरियल, वैगन, कोच, लोकोमोटिव के कबाड़ को साइट पर आनलाइन नीलामी के तहत बेचे जाते हैं। इसके लिए रेलवे बोर्ड से हर जोन को एक लक्ष्य भी दिया जाता है।

इस वित्तीय वर्ष में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन को 210 करोड़ रुपए के स्क्रैप बिक्री का लक्ष्य दिया गया है। जनवरी 2022 की स्थिति में जोन ने 200 करोड़ रुपए का स्क्रैप बेच लिया है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के पहले लक्ष्य से अधिक स्क्रैप बेचने की उम्मीद जताई जा रही है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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