1 करोड़ के मुआवजे पर अपील में 389 दिन लेट, हाई कोर्ट ने पंजाब रोडवेज पर लगाया 38 हजार जुर्माना
सड़क हादसे में मृतक के परिवार को एक करोड़ नौ हजार के मुआवजे के खिलाफ अपील में 389 दिन की देरी पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पंजाब रोडवेज बस प्रबंधन पर 38 ह...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 12 Oct 2026 03:51:22 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Oct 2026 03:51:22 PM (IST)
HighLights
- सड़क हादसा केस में बड़ी राहत नहीं: हाईकोर्ट बोला- 50% पैसा जमा करो, तभी रुकेगी वसूली
- मृतक परिवार को अब तक नहीं मिला एक रुपया, हाईकोर्ट ने बस कंपनी को दिया 30 दिन का अल्टीमेटम
- बिलासपुर MACT के आदेश के खिलाफ अपील: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने देरी माफ की, पर लगाया खर्चा
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। सड़क हादसे में मृत व्यक्ति के स्वजन को दिए गए एक करोड़ नौ हजार 160 रुपये के मुआवजे के खिलाफ अपील दायर करने में 389 दिन की देरी पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पंजाब रोडवेज की बस प्रबंधन कंपनी पर 38 हजार रुपये का खर्च लगाया है। न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल ने देरी माफ करते हुए अपील सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि कंपनी 30 दिन के भीतर मुआवजा राशि का 50 प्रतिशत जमा करे, तभी शेष राशि की वसूली पर रोक लागू होगी। मामला 14 अक्टूबर 2019 को हुए सड़क हादसे से जुड़ा है। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 22 फरवरी 2025 को दावा प्रकरण में मृतक के स्वजन के पक्ष में एक करोड़ नौ हजार 160 रुपये का मुआवजा छह प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ देने का आदेश दिया था।
पंजाब रोडवेज की बस के मालिक की ओर से यह अपील 22 जून 2026 को दायर की गई, जिसमें 389 दिन की देरी हुई। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने ध्यान दिया कि मुआवजा आदेश के बावजूद अब तक दावेदारों को एक भी पैसा जमा नहीं किया गया है। इसी तथ्य को देखते हुए कोर्ट ने देरी माफ करने की अनुमति तो दी, लेकिन इसके साथ आर्थिक दंड भी लगाया।
बस कंपनी को 38 हजार रुपये का चेक 30 दिन के भीतर किसी एक दावेदार को अधिकरण के समक्ष देना होगा। अपील स्वीकार करने के बाद कोर्ट ने अंतरिम राहत के आवेदन पर भी सुनवाई की। निर्देश दिया गया कि बस कंपनी 30 दिन के भीतर कुल मुआवजे की 50 प्रतिशत राशि जमा करे। इसके बाद ही शेष मुआवजे की वसूली पर रोक रहेगी।