
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर:रेलवे स्टेशन के समीप स्थित बुधवारी बाजार में लाइसेंसी दुकानदारों को जारी बेदखली नोटिस का मामला गहराता जा रहा है। होटल व्यवसायी संघ का आरोप है कि करीब 700 वैध, अस्थाई वाणिज्यिक लाइसेंसधारियों में से केवल 18 दुकानदारों को ही निशाना बनाते हुए बेदखली नोटिस जारी किया गया है, जबकि अन्य 682 दुकानदारों को लाइसेंस नवीनीकरण और रिकार्ड सुधार का अवसर दिया जा रहा है।
संघ ने इसे भेदभावपूर्ण कार्रवाई बताते हुए समान व्यवहार की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि यह कदम समानता के अधिकार के विपरीत है और इससे प्रभावित दुकानदारों की आजीविका संकट में पड़ सकती है। इसको लेकर पिछले दिनों संघ के प्रतिनिधि मंडल ने डीआरएम को ज्ञापन सौंपकर गुहार भी लगाई है।
बुधवारी बाजार में करीब 700 छोटे एवं मध्यम वर्ग के दुकानदार रेलवे द्वारा जारी अस्थायी वाणिज्यिक लाइसेंस के तहत वर्ष 1960 से व्यवसाय कर रहे हैं। यह व्यापारी वर्षों से रेलवे को नियमित राजस्व देने के साथ-साथ सैकड़ों परिवारों की आजीविका का आधार बने हुए हैं।
व्यापारियों का आरोप है कि समान परिस्थितियों में व्यवसाय कर रहे करीब 700 लाइसेंसधारियों में से केवल 18 दुकानदारों को ही बेदखली का नोटिस जारी कर उन्हें अनाधिकृत कब्जाधारी घोषित किया गया है, जबकि अन्य 682 दुकानदारों के लाइसेंस का नवीनीकरण किया जा रहा है और उन्हें रिकार्ड संबंधी त्रुटियां सुधारने का अवसर भी दिया गया है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई समानता के सिद्धांत के विपरीत है और संविधान के अनुच्छेद-14 का उल्लंघन करती है।
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होटल व्यवसायी संघ ने डीआरएम से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, 18 दुकानदारों को जारी नोटिस वापस लेने तथा सभी लाइसेंसधारियों के साथ एक समान नीति अपनाने की मांग की है।
जमीन मिले तो अपने खर्च पर दुकान बनाने को तैयार है व्यापारी
बुधवारी बाजार के दुकानदारों ने रेलवे से मांग की है कि यदि विकास कार्यों के लिए दुकानों को हटाना जरूरी है तो पहले प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। व्यापारियों का कहना है कि रेलवे जमीन उपलब्ध करा दे तो वे अपने खर्च पर तय मापदंड के अनुसार नई दुकानें बनाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि करीब 25 साल पहले भी ऐसी ही स्थिति बनी थी, जब स्टेशन के सामने स्थित दुकानों को हटाकर रेलवे ने वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराई थी। उस समय भी व्यापारियों ने अपने खर्च से दुकानें तैयार कर व्यवसाय शुरू किया था। वर्तमान में भी रेलवे के लिए पुनर्वास की व्यवस्था करना कठिन नहीं है।
ये हैं 18 दुकानें
होटल मुल्कराज, होटल एलोरा, शारदा भोजनालय, मिश्रा भोजनालय, लक्ष्मी वैष्णव भोजनालय, होटल मन्नत, होटल अंजता, होटल मारवाड़ी, मारवाड़ी भोजनालय, ताज पान सेंटर, जेजे बूट हाउस एवं भोजनायलय, महेश स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट, साईं नाश्ता, सोना स्वीट्स, डाली ड्रेस एंव मेडिकल स्टोर, रमेश आटा चक्की व बत्त्रेश्वरी इलेक्ट्रिकल्स।