
बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि
रायपुर नगर निगम ने निजी जमीन पर बिना अनुमति सड़क का निर्माण करा दिया। बाद में सड़क की जरूरत नहीं होने की बात कह लौटने का प्रस्ताव रखा। इस पर हाईकोर्ट ने सड़क उखाड़कर जमीन को पहले की स्थिति में लौटाने का आदेश दिया है।
याचिकाकर्ता दुर्गा गुप्ता की जमीन में रायपुर नगर निगम ने सड़क निर्माण कराया दिया था। उन्होंने निगम को आवेदन प्रस्तुत कर सड़क हटाने या मुआवजा देने की मांग की। आवेदन पर विचार नहीं किया गया। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट ने नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। नगर निगम ने जवाब में गलती से सड़क बनाने की बात कही गई। इस पर कोर्ट ने नगर निगम को बाजार दर से भूस्वामी को मुआवजा देने का आदेश दिया। कोर्ट के इस आदेश के बाद नगर निगम की ओर से दूसरा जवाब पेश कर कहा गया कि उक्त सड़क की अब निगम को आवश्यकता नहीं है। इस कारण से भूस्वामी अपनी जमीन वापस ले सकता है। निगम के इस जवाब पर कोर्ट ने कहा कि जमीन में सड़क निर्माण कर उसे खराब कर दिया गया और अब सड़क को वापस किया जा रहा है। कोर्ट ने निगम को सड़क उखाड़कर जमीन को जिस स्थिति में पहले थी, उसी तरह बनाकर देने का आदेश दिया है। इसके साथ कोर्ट ने याचिका को निराकृत किया है।