बिलासपुर कलेक्टर के कड़े तेवर: FCI में अटका चावल जमा न करने पर होगी कार्रवाई, डिफाल्टर मिलर्स की खंगाली जा रही कुंडली
कलेक्टर ने एफसीआइ में चावल डंप होने और कस्टम मिलिंग की धीमी गति पर खाद्य नियंत्रक को जांच के आदेश दिए हैं।
Publish Date: Mon, 26 Oct 2026 10:37:58 PM (IST)Updated Date: Mon, 26 Oct 2026 10:37:58 PM (IST)
मंथन में कलेक्टर ने ली राइस मिलर्स संघ की बैठकHighLights
- बिलासपुर में 15 दिनों से अटका चावल जमा कराने के आदेश।
- कलेक्टर ने खाद्य नियंत्रक को सौंपी राइस मिलर्स की जांच।
- पुराना हिसाब चुकता किए बिना नया धान नहीं मिलेगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः खरीफ विपणन वर्ष की शुरुआत से ठीक पहले जिले में चावल जमा करने की सुस्त रफ्तार और सेंट्रल पूल में 15 दिनों से अधिक समय से लटके स्टेक को लेकर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। भारतीय खाद्य निगम में चावल जमा न होने से कस्टम मिलिंग के पूरे चक्र पर असर पड़ रहा है, जिसे देखते हुए कलेक्टर ने खाद्य नियंत्रक को सीधे जांच के आदेश थमा दिए हैं।
कलेक्टर ने सोमवार को राइस मिलर्स की समीक्षा बैठक ली। बैठक का मुख्य फोकस एफसीआइ में चावल डंप होने और नागरिक आपूर्ति निगम में जमा की धीमी प्रगति पर रहा। बैठक में यह बात खुलकर सामने आई कि मिलर्स द्वारा तैयार किया गया चावल पखवाड़े भर से एफसीआइ के गोदामों के बाहर या स्टेक में अटका पड़ा है।
समय पर लाट पास न होने और उठाव की सुस्ती से नए विपणन वर्ष का पूरा गणित बिगड़ रहा है। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य नियंत्रक को उन सभी मिलर्स और स्टेक की पड़ताल करने को कहा है, जहां 15 दिनों से अधिक समय से प्रक्रिया रुकी हुई है।
इसके साथ ही चावल में 10 प्रतिशत ब्रोकन (टूटे दाने) की तय सीमा को लेकर मिलर्स के सामने आ रही दिक्कतों और अन्य जिलों में जमा की स्थिति पर भी कड़े तेवर दिखाए गए। विगत वर्ष मिल सत्यापन के दौरान जिन मिलों में स्टाक का अंतर या गड़बड़ी मिली थी, उनकी कुंडली भी दोबारा खंगाली जा रही है। स्पष्ट कर दिया गया है कि आगामी खरीदी से पहले पुराना हिसाब चुकता करना अनिवार्य होगा।
15 दिनों से एफसीआइ में अटका स्टॉक
सेंट्रल पूल के तहत भारतीय खाद्य निगम में जमा होने वाले चावल के कई लाट 15 दिनों से अधिक समय से क्लीयर नहीं हो सके हैं। खाद्य नियंत्रक को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस देरी के तकनीकी व प्रशासनिक कारणों की जांच कर तुरंत रिपोर्ट पेश करें।
ब्रोकन और पुराने स्टॉक पर फंसा पेंच
चावल में 10 प्रतिशत ब्रोकन की शर्त और अन्य जिलों में नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में जमा को लेकर मिलर्स ने व्यवहारिक मुश्किलें गिनाईं। वहीं पिछले वर्ष सत्यापन में जिन मिलों में खामियां पाई गई थीं, उन पर आगामी खरीदी से पहले निगरानी बढ़ा दी गई है।