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आरटीई: छत्‍तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पूछा- सिर्फ एक सीट पर गरीब बच्चों का प्रवेश तो क्या चार बच्चों से चल रहा स्कूल

हाई कोर्ट ने इस पर भी आश्चर्य जताया कि क्या बड़े स्कूलों में गरीब बच्चे पढ़ना ही नहीं चाहते या फिर राज्य सरकार कुछ छिपा रही है। कोर्ट ने आवंटित सीटों को ऑनलाइन भी करने कहा है। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी। कई स्कूलों में एक या दो सीटों पर प्रवेश की जानकारी दी गई तो कोर्ट नाराज हो गया।

By Anil KurreEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Thu, 07 May 2026 07:56:46 PM (IST)Updated Date: Thu, 07 May 2026 08:03:26 PM (IST)
आरटीई: छत्‍तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पूछा- सिर्फ एक सीट पर गरीब बच्चों का प्रवेश तो क्या चार बच्चों से चल रहा स्कूल
छत्‍तीसगढ़ हाई कोर्ट।

HighLights

  1. अदालत ने राज्य शासन ने शपथ पत्र में मांगी पूरी जानकारी।
  2. जब सत्र शुरू हो चुका है तो गरीब बच्चों का दाखिला कब होगा।
  3. क्या प्रशासन की लापरवाही से बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार के तहत कक्षा पहली में प्रवेश प्रक्रिया की धीमी रफ्तार को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने राज्य शासन से शपथ पत्र में पूरी जानकारी विस्तृत तौर पर मांगी है। इसमें सरकार को बताना होगा कि किस स्कूल में कितनी सीटों पर और किस बच्चे का प्रवेश हुआ है।

हाई कोर्ट राज्य सरकार द्वारा गुरुवार को पेश किए गए शपथ पत्र से नाराज भी हुआ। इसमें सरकार ने बताया है कि राज्य के 387 स्कूलों में प्रवेश के लिए एक भी आवेदन नहीं आया तो 366 ऐसे स्कूल हैं जिसमें कुल सीटों के मुकाबले आवेदन काफी कम रहे हैं। इसमें प्रदेश के सभी बड़े स्कूल शामिल हैं।


हाई कोर्ट ने इस पर भी आश्चर्य जताया कि क्या बड़े स्कूलों में गरीब बच्चे पढ़ना ही नहीं चाहते या फिर राज्य सरकार कुछ छिपा रही है। कोर्ट ने आवंटित सीटों को ऑनलाइन भी करने कहा है। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी। कई स्कूलों में एक या दो सीटों पर प्रवेश की जानकारी दी गई तो कोर्ट नाराज हो गया।

हजारों बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा

गुरुवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने अधिकारियों से पूछा कि लापरवाही क्यों बरती जा रही है। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव को मामले में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने कहा है। इसमें अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी गई है। ध्यान रहे आरटीई के तहत कुछ अन्य मामलों की सुनवाई पहले से चल रही है। हाई कोर्ट ने पूछा है कि जब सत्र शुरू हो चुका है तो गरीब बच्चों का दाखिला कब होगा, क्या प्रशासन की लापरवाही से हजारों बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा।

सीटों के मुकाबले आवेदन काफी कम रहे

हाई कोर्ट राज्य सरकार द्वारा गुरुवार को पेश किए गए शपथ पत्र से नाराज भी हुआ। इसमें सरकार ने बताया है कि राज्य के 387 स्कूलों में प्रवेश के लिए एक भी आवेदन नहीं आया तो 366 ऐसे स्कूल हैं जिसमें कुल सीटों के मुकाबले आवेदन काफी कम रहे हैं। कई स्कूलों में एक या दो सीटों पर प्रवेश की जानकारी दी गई है। इस पर भी कोर्ट ने सख्ती से पूछा कि स्कूल में एक बच्चों का प्रवेश हो रहा है तो क्या कुल चार बच्चे ही उस स्कूल में पढ़ रहे हैं। ध्यान रहे कि आरटीई के तहत कुल सीटों के 25 प्रतिशत पर गरीब बच्चों को प्रवेश दिया जाना है।

प्रवेश प्रक्रिया में तो अगस्त बीत जाएगा

इधर प्रवेश प्रक्रिया पर नजर डालें तो काउंसिलिंग प्रक्रिया में 13 से 17 अप्रैल तक लााटरी एवं आवंटन किया गया। जिसके बाद छात्रों को एक से 30 मई तक प्रवेश लेने होंगे। द्वितीय चरण की प्रक्रिया आठ जून से शुरू हो जाएगी। जिसमें नए स्कूलों का पंजीयन होगा। उसके बाद एक से 11 जुलाई तक छात्र पंजीयन होंगे। फिर 27 से 31 जुलाई तक लााटरी एवं आवंटन होगा। इसके बाद छात्रों को स्कूल में दाखिला तीन से 17 अगस्त तक लेना होगी।

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