बिलासपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सकरी वार्ड क्रमांक एक बजरंग नगर में हाईस्कूल के पास बंदरों की एक टोली पिछले चार दिन से मौजूद है। उनमें से एक बंदर राह गुजरते लोगों को निशाना बनाकर उन्हें जख्मी कर रहा है। लोगों की शिकायत पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम पर पहुंची जरूर, लेकिन बंदर के आक्रामक हो जाने से वे भी उल्टे पांव भाग खड़े हुए। स्कूल के आसपास रहने वालों में इससे दहशत है। महिलाएं और बच्चे घर से अकेले निकलने में डर रहे हैं।
नगर निगम में नए शामिल हुए वार्ड क्रमांक एक सकरी के लोग बंदर के आतंक से परेशान हैं। बंदर को भगाने के लिए लोगों ने लाठी, डंडा लेकर उसे डराने की कोशिश की। लेकिन, बंदर ही उन्हें काटने के लिए दौड़ने लगा। इससे गांव वाले वापस भाग गए। खुद लाचार होने के बाद दो दिन से वन विभाग को शिकायत कर रहे थे। गुरुवार को वन अमले की रेस्क्यू टीम बंदर को पकड़ने के लिए आई भी। लेकिन, कामयाब नहीं हुई। रेस्क्यू टीम को बंदर ने दौड़ाकर भगा दिया। वे बंदर को बेहोश करने का साधन नहीं होने की बात कहकर मौके से चले गए। इधर बंदर के आतंक से लोग खासे दहशत में हैं। उसने अब तक मोहल्ले की सुजाता, लक्ष्मी बाई समेत चार बच्चों को जख्मी कर दिया है। गनीमत है कि इनमें से किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। स्कूल के पास बंदर मौजूद होने से वहां पढ़ने वाले बच्चों को भी इससे खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि शायद उस एक बंदर को करेंट लग गया था, जिसके बाद वह आक्रामक हो गया है।
ट्रैंक्यूलाइजर गन के एक्सपर्ट नहीं
वन विभाग के पास बंदर को पकड़ने के लिए अब उसे ट्रैंक्यूलाइजर गन से बेहोश करने के अलावा कोई दूसरा उपाय नहीं है। प्रदेश में इस समय केवल दो डॉक्टर हैं, जिन्हें इस विशेष गन को चलाने का प्रशिक्षण मिला हुआ है। इसमें डॉ.जयकिशोर जाड़िया रायपुर में रहते हैं। उनके बाद डॉ.चंदन बिलासपुर के हैं। लेकिन, वन विभाग ने उन्हें मूल संस्था पशु चिकित्सा विभाग वापस कर दिया है। वन विभाग के पास ट्रैंक्यूलाइजर गन तो है। लेकिन, दवा का डोज डालने और उसे चलाने का एक्सपर्ट नहीं होने से मामला ठंडा पड़ गया है। इससे आम लोग भुगत रहे हैं।
चार दिन से सकरी में रहने वाले लोग बंदर के आतंक से परेशान हैं। कई बार शिकायत के बाद वन विभाग की टीम आई थी, लेकिन वे भी डरकर भाग गए। बेहोशी वाला गन लाने की बात कहकर गए हैं, अब तक वापस नहीं आए। अब वन विभाग के अधिकारी भी फोन नहीं उठा रहे हैं। किसी को गंभीर चोट लगी तो वन विभाग इसके लिए जिम्मेदार होगा।
अमित भारते
पार्षद, वार्ड क्रमांक एक