• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bilaspur High Court News: बेपरवाही का नमूना-हाई कोर्ट के आदेश के 479 दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

Bilaspur High Court News: डायवर्सन के लिए याचिकाकर्ता को दायर करनी पड़ी थी छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका, अब तक नहीं हुआ काम

By sandeep.yadavEdited By: sandeep.yadav
Publish Date: Mon, 13 Sep 2021 10:10:00 AM (IST)Updated Date: Mon, 13 Sep 2021 10:10:14 AM (IST)
Bilaspur High Court News: बेपरवाही का नमूना-हाई कोर्ट के आदेश के 479 दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

बिलासपुर। Bilaspur High Court News: प्रशासनिक लापरवाही का इससे बड़ा नमूना दूसरा और कोई नहीं मिलेगा। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद भी जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। हाई कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए 18 मई 2020 को आदेश जारी किया था। इस आदेश के 479 दिनों बाद भी फाइल वैसी ही धूल खाते पड़ी हुई है। याचिकाकर्ता अब भी एक से दूसरे दफ्तर का चक्कर काट रहा है।

रतनपुर निवासी उस्मान कुरैशी ने नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय बिलासपुर में डायवर्सन के लिए आवेदन पेश किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि उसकी बड़ी बहन रेहाना बानो करैहापारा निवासी रतनपुर व उसके नाम से संयुक्त रूप से खसरा नंबर 3168/13 में 0.0480 एकड़ जमीन है। डायवर्सन की मांग की थी। 17 अक्टूबर 2019 को पेश आवेदन पर तीन महीने में भी कार्रवाई नहीं हुई। तब उन्होंने कलेक्टर के समक्ष आवेदन पेश किया। कलेक्टर ने ग्राम तथा नगर निवेश विभाग को प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।


इसके बाद भी डायवर्सन नहीं हो पाया। तब उस्मान ने अपने वकील के जरिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की। 18 मई 2020 को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता को तय प्रक्रिया के तहत राहत देने व कार्य पूर्ण करने का निर्देश कलेक्टर बिलासपुर को जारी किए थे। हाई कोर्ट के आदेश की जानकारी देते हुए कलेक्टर ने नगर तथा ग्राम निवेश विभाग को याचिकाकर्ता के प्रकरण पर त्वरित कार्रवाई केा निर्देश जारी किए। प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण करने की हिदायत भी दी थी। अचरज की बात कि इस आदेश के 479 दिनांे बाद भी याचिकाकर्ता को राहत नहीं मिल पाई है। फाइल विभाग में धूल खाती हुई पड़ी है।

पीजी पोर्टल में भी सुनवाई नहीं

याचिकाकर्ता ने प्रधानमंत्री आनलाइन पोर्टल में इस बात की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई किए ही पीजी पोर्टल ने शिकायत को निराकृत कर दिया। खसरा संधारण व डायवर्सन से संबंधित एक काम की फाइल ग्राम तथा नगर निवेश के कार्यालय में धूल खाते पड़ी हुई है।