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12 रेलवे पुलों पर सेंसर सिस्टम: जलस्तर बढ़ते ही अधिकारियों के मोबाइल पर पहुंचेगा अलर्ट

क्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 12 बड़े पुलों पर लगाया आधुनिक वाटर सेंसर सिस्टम; नदियों का जलस्तर बढ़ते ही अफसरों के मोबाइल पर खुद आएगा 'अलर्ट एसएमएस'

By Shiv SoniEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Thu, 09 Jul 2026 08:06:40 AM (IST)Updated Date: Thu, 09 Jul 2026 08:06:40 AM (IST)
12 रेलवे पुलों पर सेंसर सिस्टम: जलस्तर बढ़ते ही अधिकारियों के मोबाइल पर पहुंचेगा अलर्ट
आधुनिक वाटर लेवल मानिटरिंग सिस्टम।

HighLights

  1. रेलवे पुलों पर मीटर गेज का जमाना हुआ पुराना; ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ेगा बिलासपुर रेल मंडल
  2. बिलासपुर जोन के 12 रेलवे पुलों पर स्थापित है आधुनिक वाटर लेवल मानिटरिंग सिस्टम
  3. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की बड़ी पहल; भारी बारिश में भी सुरक्षित रहेगा इन 12 पुलों पर रेल परिचालन

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: मानसून के दौरान रेलवे पुलों पर नदियों के जलस्तर की सटीक और निरंतर निगरानी के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 12 महत्वपूर्ण रेलवे पुलों पर आधुनिक सेंसर आधारित वाटर लेवल मानिटरिंग सिस्टम स्थापित किया है। यह प्रणाली 24 घंटे रियल-टाइम निगरानी कर सुरक्षित एवं निर्बाध रेल परिचालन सुनिश्चित करने में मदद कर रही है। जैसे ही नदी का जलस्तर निर्धारित चेतावनी या खतरे के स्तर तक पहुंचता है या उसमें महत्वपूर्ण बदलाव होता है, सिस्टम स्वतः संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं के मोबाइल फोन पर एसएमएस अलर्ट भेज देता है।

पहले जलस्तर का आकलन पारंपरिक मीटर गेज प्रणाली से किया जाता था, जिसमें मैनुअल रीडिंग के कारण सूचना मिलने में देरी और त्रुटि की संभावना रहती थी। अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय पर जानकारी नहीं मिलने से रेलवे ट्रैक और पुलों की सुरक्षा का त्वरित आकलन करना चुनौतीपूर्ण होता था। इसे देखते हुए नई प्रणाली लागू की गई। सेंसर आधारित तकनीक से पुलों पर जलस्तर की लगातार निगरानी करती है और ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम से एकीकृत है। मोबाइल फोन पर तत्काल एसएमएस अलर्ट आने से आवश्यक सुरक्षा उपाय समय रहते लागू किए जा सकते हैं तथा रेल परिचालन को संरक्षित बनाए रखने में सहायता मिलती है।


सिस्टम में इन अधिकारियों का मोबाइल नंबर दर्ज

इस प्रणाली में संबंधित सहायक मंडल अभियंता, रेल पथ निरीक्षक (पीडबल्यूआई) सहित अन्य अधिकृत अधिकारियों के मोबाइल नंबर पंजीकृत रहते हैं। यही कारण है कि जलस्तर में होने वाले प्रत्येक महत्वपूर्ण परिवर्तन की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंच जाती है, जिससे त्वरित निर्णय लेने और आवश्यक कार्रवाई करने में सुविधा होती है।

जानिए 12 पुल, जहां सिस्टम स्थापित है

  • झारसुगुड़ा–ईब स्टेशनों के मध्य ईब नदी पर रेलवे पुल क्रमांक 184 अप।
  • ईब–ब्रजराजनगर स्टेशनों के मध्य रेलवे पुल क्रमांक 182 अप।
  • भूपदेवपुर–राबर्ट्सन स्टेशनों के मध्य रेलवे पुल क्रमांक 86 अप।
  • कोरबा–गेवरा रोड स्टेशनों के मध्य रेलवे पुल क्रमांक 63 डाउन।
  • नैला–चांपा स्टेशनों के मध्य हसदेव नदी पर रेलवे पुल क्रमांक 46 डाउन।
  • जयरामनगर–अकलतरा स्टेशनों के मध्य रेलवे पुल क्रमांक 12 मिडिल।
  • दगौरी–निपनिया स्टेशनों के मध्य शिवनाथ नदी पर रेलवे पुल क्रमांक 462 मिडिल।
  • रसमड़ा–दुर्ग स्टेशनों के मध्य रेलवे पुल क्रमांक 348 डाउन।
  • मुंडीकोटा–तुमसर स्टेशनों के मध्य रेलवे पुल क्रमांक 116 अप।
  • कन्हान–कामठी स्टेशनों के मध्य रेलवे पुल क्रमांक 34 अप।
  • वडसा–ब्रह्मपुरी स्टेशनों के मध्य रेलवे पुल क्रमांक 159 ।
  • बरगी–ग्वारीघाट स्टेशनों के मध्य रेलवे पुल क्रमांक 348 डाउन।