यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिलासपुर में सात संक्रमित मिले,सक्रिय मरीजों की संख्या 49
स्वास्थ्य विभाग मरीजों की पहचान के लिए जांच बढ़ाने की कोशिश कर रहा है
By Yogeshwar SharmaEdited By: Yogeshwar Sharma
Publish Date: Fri, 24 Jun 2022 07:00:00 AM (IST)Updated Date: Fri, 24 Jun 2022 07:00:00 AM (IST)

बिलासपुर। जिले में गुस्र्वार को सात नए मरीजों की पहचान की गई है। इसके साथ सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है। इधर बुधवार को एक मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। मरीजों की पहचान की काम तेज कर दिया गया है। साथ लोगों को सतर्कता डोज लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।जिले में गुस्र्वार को कोरोना के सात नई मिलने की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने किया है। इसमे छह मरीज शहरी क्षेत्र के रहने वाले हैं।
विकास नगर 27 खोली निवासी 54 वर्षीय महिला, उसलापुर निवासी 28 वर्षीय युवक, सिरगिट्टी निवासी 26 वर्षीय युवती, नेहरू नगर निवासी 35 वर्षीय युवक, ग्राम मटियारी निवासी 22 वर्षीय युवती को संक्रमित पाया गया हैं। वहीं 10 मरीज के ठीक होने की पुष्टि की गई है। इधर बुधवार की रात मरीज की मौत से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सकते में आ गए हैं। कोरोना से मौत और बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मरीजों की खोजने का तेज कर दिया गया है।
गाइडलाइन का पालन करने की अपील
सीएमएचओ डाक्टर प्रमोद महाजन का कहना है कि मामले लागातार बढ़ते ही जा रहे हैं। मौजूदा स्थिति में 54 मरीज सक्रिय हैं। ऐसे में अब फिर से कोरोना गाइडलाइन का पालन करना जरूरी हो गया है। लापरवाही की गई तो मामले बढ़ते ही जाएंगे। उन्होंने मास्क लगाने और शारीरिक दूरी का पालन करने की हिदायत दी है। साथ ही कोरोना लक्षण आने पर तत्काल कोरोना जांच कराने की सलाह दी है।
इस तरह मिल रहे मरीज
17 जून -- 11
18 जून -- 09
19 जून -- 07
20 जून -- 02
21 जून -- 08
22 जून -- 08
23 जून -- 07
करें गाइडलाइन का पालन
- मास्क का उपयोग करें।
- हर आंधे घंटे में हाथ को साबुन से धोएं या हैंड सैनिटाइज करें।
- फिजिकल डिस्टेंस का पालन करें।
- भीड़ वाली जगह पर जाने से बचें।
- लक्षण आने पर तत्काल चिकित्सक परामर्श लें और कोरोना टेस्ट कराएं।
लापरवाही के आ सकते हैं घातक परिणाम
साफ है कि धीरे-धीरे डेल्टा प्लस वैरियंट फैलते जा रहा है। इसी वजह से संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। संक्रमित मरीज के इलाज में देरी होने से घातक परिणाम आ सकते हैं। ऐसे में लापरवाही बरतने की गुंजाइश नहीं है।