
नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर: मां दुर्गा दर्शन करने के दौरान एक ठेले से गुपचुप खाने के बाद एक ही परिवार के सात लोग फूड पाइजनिंग के शिकार हो गए। इनकी कुछ देर में ही तबीयत बिगड़ने लगी। हालत बिगड़ता देखकर सभी को सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) में भर्ती कराया गया है। सभी पीड़ितों को लगातार उल्टी होने की शिकायत रही।
ग्राम परसदा निवासी साहू परिवार रविवार की देर रात मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन करने के लिए शहर आया हुआ था। शहर का भम्रण करते हुए रात लगभग 12 बजे सीएमडी कालेज मैदान में विराजित मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचे। दर्शन के बाद मैदान में लगे मेला में परिवार के सभी सदस्यों ने एक ठेले में पहुंचकर गुपचुप खाया।
इसके बाद वे वहां कुछ देर रूके रहे और जैसे ही साहू परिवार लौटने के लिए तैयार लगे, वैसे ही एक-एक करके सभी के पेट में दर्द, मरोड़ होने लगा और मेले स्थल में ही उन्हें उल्टियां होने लगी। देखते ही देखते परिवार के सभी सदस्यों की हालत गंभीर हो गई। ऐसे में अन्य लोगों ने इसकी जानकारी समिति के लोगों को दी और मेला स्थल पर हड़कंप मच गया। इसके बाद सभी की स्थिति को देखते हुए इलाज के लिए सिम्स पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने तत्काल सातों को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। डाक्टरों ने भी जांच के दौरान इस बात की पुष्टि की है कि सभी फूड पाइजनिंग के शिकार हो गए हैं। गुपचुप व पानी के साथ मसाला के बासी होने की आशंका जताई गई।
महेश साहू 32 साल,
संतोषी साहू, 27 साल,
प्रभा साहू 26 साल,
सुमन साहू 18 साल,
सुजीता साहू 16साल,
सोमेश साहू 15 साल,
शिवांश साहू 6 साल
नवरात्र और फेस्टिव सीजन में शहर के प्रमुख पंडालों और मैदानों के आसपास धड़ल्ले से फास्ट फूड के ठेले लग रहे हैं, जहां साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। गुपचुप में इस्तेमाल होने वाला दूषित पानी और बासी मसाले फूड पाइजनिंग का सबसे बड़ा कारण बना। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से अब तक शहर के स्ट्रीट फूड स्टाल्स पर कोई बड़ी और प्रभावी जांच मुहिम नहीं चलाई गई है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। डाक्टरों के द्वारा फूड पाइजनिंग की पृष्टि भी किया गया। ऐसे में जिस ठेले से गुपचुप खाया गया था, उसके खाद्य सामाग्रिया, गुपचुप पानी व अन्य का सैंपल लिया गया है। जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा। इस घटना के बाद से शहर के जागरूक नागरिकों में स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
गुपचुप खाने के बाद एक ही परिवार के सात लोग बीमार पड़ गए हैं। फूड पाइजनिंग की आशंका है। सभी का इलाज किया जा रहा है। डा़ लखन सिंह, एमएस, सिम्स