
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: केंद्र सरकार द्वारा मनाया जा रहा 12 साल बेमसाल पर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने सवाल उठाते हुए कहा की इन वर्षो में छत्तीसगढ़ राज्य का दूसरा प्रमुख शहर बिलासपुर की हालत यह है कि यह एक फोर सी एयरपोर्ट के लिए तरस रहा है। केवल 500 करोड रुपए की लागत में बन सकने वाला है फोर सी एयरपोर्ट उत्तर छत्तीसगढ़ के 14 जिलों के लिए विकास के नए द्वार खोलेगा। इसके बावजूद यह उपेक्षित है। ऐसे में बिलासपुर कैसे इस जश्न में शामिल हो?
सात साल से बिलासपुर की जनता समिति के साथ जुड़कर बिलासपुर में एक फोर सी एयरपोर्ट की मांग कर रही है। इससे बोइंग और बस जैसे बड़े विमान उतर सकेंगे और देश के चारों दिशाओं में महानगरों तक कम से कम एक सीधी उड़ान उपलब्ध हो सकेगी। इस मांग के सिलसिले में प्रतिनिधि मंडल देश के नागरिक उड्डयन मंत्री, राज्य के गवर्नर, मुख्यमंत्री से कई बार मुलाकात कर अनुरोध कर चुके है।
रैली, कैंडल मार्च, झुनझुना प्रदर्शन, पदयात्रा, मानव श्रृंखला समेत कई आंदोलन किए जा चुके हैं। इसके बावजूद बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास के लिए स्वीकृत नहीं किया जाना आम जनता में यह संदेश देता है कि बिलासपुर का विकास राज्य और केंद्र सरकार की प्राथमिकता में नहीं है। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा कि बिलासपुर उत्तर छत्तीसगढ़ का सबसे प्रमुख शहर है और राज्य के 14 जिलों के लिए यह सबसे नजदीकी एयरपोर्ट होगा ऐसे में इसकी लगातार उपेक्षा इन पूरे इलाकों के लिए नुकसानदेह है। इस मुद्दे पर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के महाधरना आवाज बुलंद की गई।
रविवार को आयोजित इस महारधरना में राज्य विधिक परिषद स्टेट बर काउंसिल के निर्वाचित सदस्य अनिल सिंह चौहान के द्वारा भी काउंसिल की ओर से समर्थन व्यक्त किया गया। धरने में के अलावा अन्य सदस्य रवि बनर्जी, अनिल गुलहरे, कमल सिंह ठाकुर, पंकज सिंह, संदीप वाजपेयी और सुदीप श्रीवास्तव शामिल रहे।