
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्कर को धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी नर्मदा एक्सप्रेस से मध्यप्रदेश के जबलपुर जाने की फिराक में प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार कर रहा था।
पुलिस ने उसके पास से दो बैगों में भरा 12 किलो 950 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 6 लाख 47 हजार 500 रुपये आंकी गई है। सतर्कता बरतते हुए जीआरपी ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जीआरपी थाना प्रभारी विष्णु प्रसाद यादव एवं एसआई विश्वनाथ चक्रवर्ती को शनिवार सुबह करीब 11 बजे सूचना मिली कि एक संदिग्ध युवक प्लेटफॉर्म नंबर 7-8 पर बेचैनी में टहल रहा है। नर्मदा एक्सप्रेस के लेट होने के कारण वह प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर घूम रहा था। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम दीपक गुप्ता (33 वर्ष), निवासी टिकुरियाटोला (थाना कोलगांवां, जिला सतना, मध्यप्रदेश) बताया। उसके पास रखे दो बैगों की तलाशी लेने पर खाकी टेप में लपेटकर रखा गया 12.95 किलो गांजा मिला।
जीआरपी टीआई विष्णु प्रसाद यादव ने बताया कि आरोपी को गांजे की खेप सौंपने वाले मुख्य सप्लायर के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। संदिग्ध के मोबाइल नंबर के आधार पर नेटवर्क की पतासाजी की जा रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य केवल कूरियर को पकड़ना नहीं, बल्कि ओडिशा से मध्यप्रदेश तक फैले इस पूरे अवैध सप्लाई चेन का भंडाफोड़ करना है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
नर्मदा एक्सप्रेस की देरी से खुला राज: आरोपी दीपक गुप्ता गांजे से भरे दो बैग लेकर जबलपुर जाने वाली नर्मदा एक्सप्रेस का इंतजार कर रहा था। ट्रेन लेट होने से उसकी बेचैनी देखकर पुलिस को शक हुआ।
जीआरपी की घेराबंदी में फंसा तस्कर: मुखबिर की सूचना पर शनिवार सुबह 11 बजे पहुंची जीआरपी टीम को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन जवानों ने उसे दबोच लिया।
2 बैग में मिला 13 किलो गांजा: तलाशी लेने पर उसके बैग से 12.95 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 6.47 लाख रुपये आंकी गई।
सप्लाई नेटवर्क खंगाल रही पुलिस: जीआरपी टीआई के मुताबिक आरोपी को बैग सौंपने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर मिल गया है, जिसके आधार पर मुख्य तस्करों की तलाश जारी है।