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नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर: सिम्स (छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज) के फोरेंसिक डिपार्टमेंट में सामान्य मौतों को भी सर्पदंश के मामलें बनाकर किया गया फर्जीवाड़ा परत दर परत उजागार हो रहा है। इसमें सिम्स की एक महिला डाक्टर भी फंस चुकी है और जेल में है। वही अब यह बात सामने आ रही है कि इस फर्जीवाड़ा में फोरेंसिक डिपार्टमेंट के कई डाक्टर शामिल हैं। \
इसी आशंकाओं को लेकर पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। इधर फोरेंसिक डिपार्टमेंट के कई डाक्टर अस्पताल नहीं आ रहे हैं। कुछ तो लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में ये डाक्टर भी पुलिस जांच के दायरे में आने वाले हैं, और कई डाक्टरों पर गाज गिर सकती है।
संर्पदंश फर्जीवाड़ा का केंद्र सिम्स का शवगृह रहा है। यहीं से ही फर्जीवाड़ा की शुरुआत हुई है। साफ है कि इसमें फोरेंसिक डिपार्टमेंट के डाक्टरों की भूमिका संदिग्ध है। इसको देखते हुए सिम्स प्रबंधन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करने का फरमान जारी कर दिया है। आने वाले दिनों में कई डाक्टर के सर्पदंश फर्जीवाड़ा में शामिल होने की बात सामने आ सकती है।
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कुछ कर्मचारियों भी आ सकते हैं राडार
यह भी बताया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़ा में फोरेंसिक डिपार्टमेंट के कुछ कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। इसकी भी जांच की जा रही है। इस फर्जीवाड़ा के काम को सभी मिलकर निपटाते थे। हालांकि यह भी आगे की जांच में साबित हो सकेगा। ऐसे में फोरेंसिक डिपार्टमेंट के अधिकारी, डाक्टर व कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
निगरानी के लिए लग गए हैं सीसी टीवी कैमरे
सिम्स प्रबंधन इस तरह के फर्जीवाड़ा के बाद कड़ाई करने लगी है। ऐसे में शवगृह को निगरानी के दायरे में ले लिया गया है, इसके लिए तीन सीसी टीवी कैमरे लगा लगाए गए हैं और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। अनाधिकृत को शवगृह के मुख्य गेट से बाहर रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं विरोध करने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश हैं।