• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बिलासपुर

बिलासपुर में आवारा कुत्तों का आतंक, दो मासूमों का बुरी तरह नोचा चेहरा; आंख बचाने डॉक्टरों को करनी पड़ी इमरजेंसी सर्जरी

बिलासपुर के बिल्हा क्षेत्र स्थित ग्राम बरतोरी में आवारा कुत्तों ने दो मासूम बच्चों पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

By Atul VasingEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Sun, 10 May 2026 11:06:51 AM (IST)Updated Date: Sun, 10 May 2026 11:25:49 AM (IST)
बिलासपुर में आवारा कुत्तों का आतंक, दो मासूमों का बुरी तरह नोचा चेहरा; आंख बचाने डॉक्टरों को करनी पड़ी इमरजेंसी सर्जरी
आवारा कुत्तों का कहर, बिल्हा के बरतोरी में दो मासूमों पर जानलेवा हमला (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. सिम्स में तत्काल एंटी-रेबीज उपचार और सर्जरी हुई
  2. चिकित्सकों ने मामले को कैटेगरी-3 डॉग बाइट बताया
  3. शहर में आठ हजार से ज्यादा आवारा कुत्ते सक्रिय

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र स्थित ग्राम बरतोरी में आवारा कुत्तों ने दो मासूम बच्चों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमले में एक बच्चे की आंख के नीचे गहरा घाव हो गया, जबकि दूसरे बच्चे का चेहरा और मुंह बुरी तरह नोच दिया गया।

दोनों बच्चों को गंभीर हालत में तत्काल सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति को देखते हुए इमरजेंसी सर्जरी करनी पड़ी। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। लगातार बढ़ते डॉग बाइट मामलों को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।


डॉक्टरों ने बताया गंभीर डॉग बाइट मामला

सिम्स के चिकित्सकों के अनुसार, बच्चों के चेहरे, आंखों और पलकों के आसपास गहरे घाव पाए गए। इस वजह से यह मामला कैटेगरी-3 डॉग बाइट की श्रेणी में रखा गया है, जिसमें रेबीज संक्रमण का खतरा काफी अधिक होता है।

अस्पताल पहुंचते ही बच्चों के घावों की गहन सफाई की गई और तत्काल एंटी-रेबीज वैक्सीन शुरू की गई। संक्रमण को शुरुआती स्तर पर रोकने के लिए रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन भी लगाया गया।

डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों की आंखों की पलकों को गंभीर नुकसान पहुंचा था। इसके चलते नेत्र रोग आपरेशन थिएटर में अर्जेंट लिड रिपेयर सर्जरी करनी पड़ी। सर्जरी के दौरान क्षतिग्रस्त ऊतकों की सावधानीपूर्वक मरम्मत कर आंखों की संरचना और दृष्टि को सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।

विशेषज्ञ टीम ने संभाला उपचार

इस जटिल उपचार और सर्जरी में नेत्र रोग विभाग की टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में डॉ. प्रभा सोनवानी, डॉ. संजय चौधरी, डॉ. आरती, डॉ. अनिकेत, निश्चेतना विभाग से डॉ. यशा तिवारी और डॉ. द्रोपती सहित अन्य चिकित्सकीय और नर्सिंग स्टाफ शामिल रहे।

नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुचिता सिंह ने बताया कि बच्चों की आंखों और पलकों पर गंभीर चोटें थीं। ऐसे मामलों में तुरंत सर्जरी करना बेहद जरूरी होता है। विशेषज्ञ टीम ने पूरी सावधानी के साथ उपचार कर बच्चों की दृष्टि बचाने का प्रयास किया।

समय पर इलाज जरूरी: सिम्स प्रबंधन

सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि डॉग बाइट जैसे मामलों में समय पर उपचार बेहद जरूरी होता है। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

वहीं, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. लखन सिंह ने लोगों से झाड़-फूंक, घरेलू उपचार और अंधविश्वास से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि रेबीज एक घातक लेकिन रोके जाने योग्य बीमारी है और समय पर वैक्सीन व वैज्ञानिक उपचार से मरीज की जान बचाई जा सकती है।

शहर में बढ़ रहा आवारा कुत्तों का खतरा

बिलासपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में डॉग बाइट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कोर्ट के निर्देशों के बावजूद आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित नहीं हो पा रही है। जानकारी के अनुसार, शहरी क्षेत्र में वर्तमान समय में आठ हजार से ज्यादा आवारा कुत्ते सक्रिय हैं।