बिलासपुर व्यापार विहार स्थित रामबाबू सोंथलिया मार्ग की खुली हैं जानलेवा नालियां खा न जाए जिंदगियां,खतरे में राहगीर
इसी मार्ग पर बिलासपुर संभाग का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र व अनाज मंडी है। बिलासपुर के अलावा, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती व अन्य जिलों के व्यापारी यहां थोक मूल्य पर खाद्यान्न सामग्री की खरीदारी करने पहुंचते हैं। दिन और रात दोनों ही समय भारी वाहन से लेकर छोटे वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं।
Publish Date: Fri, 27 Sep 2024 07:16:37 AM (IST)
Updated Date: Fri, 27 Sep 2024 07:16:37 AM (IST)
खुली नालियां,फाइल फोटोHighLights
- व्यापार विहार में खुले गड्ढे व कमजोर लाइट से बढ़ी हादसे की आशंका।
- बिलासपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनाई गई हैं नालियां व चेंबर।
- मार्ग पर बिलासपुर संभाग का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र व अनाज मंडी।
नईदुनिया प्रतिनिधि बिलासपुर । जिले की सबसे बड़ी अनाज मंडी व रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाले व्यापार विहार स्थित रामबाबू सोंथलिया मार्ग की खुली नालियां कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। मार्ग पर बनी नालियां सड़क से लगी हुई व समतल बनाई गई हैं। इसकी वजह से दिन या रात में भीड़ के दौरान हल्की सी चूक से इन नालियों में गिरकर लोगों की जान भी जा सकती है।
बावजूद इसके नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। व्यापार विहार रामबाबू सोंथलिया मार्ग जितना सुंदर है उतना ही खतरनाक भी, ऐसा कहना है वहां के स्थानीय लोगों व राहगीरों का। नगर निगम ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत व्यापार विहार को रेलवे स्टेशन व तारबाहर को जोड़ने वाले मार्ग का कायाकल्प किया है। महत्वपूर्ण मार्ग होने के बाद भी नगर निगम के अधिकारी रामबाबू सोंथलिया मार्ग पर जगह-जगह नालियों को खुला छोड़ दिया है। इन नालियों में गिरने का डर होने के बाद भी लोगों को मजबूरी में अपनी जान जोखिम में डाल कर इस मार्ग का उपयोग करना पड़ रहा है।
सुनिए, इनकी जुबानी
- स्थानीय निवासी सुनील श्रीवास ने बताया कि नगर निगम ने इस सड़क को अधूरा बनाया है। सड़क से लगी हुईं नालियां कई महीनों से जगह-जगह खुली हुई हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को चलने में काफी परेशानी होती हैं, क्योंकि इन नालियों में न गिर जाए सोचकर लोगों को सड़क पर चलना पड़ता है। इसकी वजह से सड़क दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
- रमेश कुमार ने कहा कि खुली नालियों की वजह से दिन में लोग जैसे-तैसे गड्ढों को देख कर बच जाते हैं, लेकिन रात में कमजोर लाइटिंग व्यवस्था के कारण सड़क काफी खतरनाक हो जाती है। क्योंकि रास्ता समझ में न आने पर थोड़ी चूक भी लोगों की जान ले सकती है। नगर निगम को जल्द से जल्द इन नालियों को कवर करना चाहिए।
- मनीष पटेल ने बताया व्यापार विहार में हर रोज बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। इसके अलावा देश के दूसरे प्रांतों से गाड़ियां सामान लेकर यहां पहुंचती हैं। उन्हें आभास नहीं होता कि सड़क खराब है या नहीं। दरअसल यहां की नालियां सड़क के काफी करीब खुली हुई हैं, जिससे जरा सी चूक सीधे मौत का कारण बन सकती है।
- विरेंद्र कुमार ने कहा कि इस मार्ग पर खुले गड्ढों को देखकर लगता है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नाम पर केवल दिखावा हो रहा है। यहां की नालियां ठीक से ढंकी नहीं गई हैं। व्यापारी और आम लोग खतरनाक स्थितियों के बीच रोज अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से भी इस संबंध में शिकायत की गई, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जोन कमिश्नर हैं जिम्मेदार
रामबाबू सोंथलिया मार्ग जोन क्रमांक क्रमांक चार के अंतर्गत आता है। वर्तमान में जोन कमिश्नर की जवाबदारी सागर राज निभा रही हैं। खुली नालियों की मानिटरिंग जोन कमिश्नर को करनी है। इसके बाद भी उन्हें सड़क के दोनों छोर खुली नालियां नहीं दिखाई दे रही है। खास बात यह है कि जोन कमिश्नर कार्यायल आने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करती हैं। इसके बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
वर्जन
व्यापार विहार रामबाबू सोंथलिया मार्ग पर नालियों के साथ ही विद्युतीकरण का काम चल रहा है। विद्युत वितरण कंपनी से नगर निगम को 728 पावर कट मिलना है। डेढ़-दो माह से यह प्रक्रिया चल रही है। जैसे-जैसे विद्युत कंपनी से पावर कट मिलेगी निगम का पावर स्टेशन चार्ज होने लगेगा। उम्मीद है कि 15 दिनों में काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद सारी नालियों को ढंक दिया जाएगा।
अमित कुमार, नगर निगम आयुक्त